दिल्ली में एनआरसी की मांग को लेकर भारत रक्षा मंच का जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन

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नई दिल्ली । आसाम की तर्ज पर दिल्ली में भी एनआरसी लागू करने व बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें बाहर निकालने की मांग को लेकर भारत रक्षा मंच ने वी पी हाउस से लेकर जंतर मंतर तक एक रैली निकाली व जोरदार प्रदर्शन किया । मंच के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ . पी. के. सिंघल ने कहा कि दिल्ली में बढ़ते अपराध, बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी   के लिए बांग्लादेशी घुसपैठिये ही जिम्मेदार हैं अतः इनको असम की तरह एनआरसी दिल्ली में भी जल्द से जल्द लागू करके चिह्नित किया जाए व इन घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाए । प्रदर्शन में भारी संख्या  में मंच के कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश खरोश के साथ बढ़ चढ़ कर अपना योगदान दिया । प्रदर्शन के उपरांत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व गृहमन्त्री को इस सम्बंध में ज्ञापन भी दिया ।
भारत रक्षा मंच के बारे में :-
भारत रक्षा मंच की स्थापना 27 जून 2010 को माननीय श्री सूर्यकांत केलकर जी द्वारा की गई माननीय सूर्यकांत केलकर जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सीनियर प्रचारक रहे हैं और वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री एवं सहकार भारती के संगठन मंत्री के रूप में कार्य कर चुके है भारत रक्षा मंच बनाने का उद्देश्य उस समय बांग्लादेशी घुसपैठियों से भारतवर्ष खासकर आसाम और पश्चिम बंगाल के आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक परिवेश पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका से की गई भारत रक्षा मंच के प्रयासों से आसाम में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई जिसका की फाइनल ड्राफ्ट 31 जुलाई 2018 को आ गया है इसके मुताबिक आसाम में करीब 40 लाख  बांग्लादेशी घुसपैठिए चिन्हित किए गए हैं पूरे भारतवर्ष में तकरीबन 4:00 से 5:00 करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं दिल्ली में तकरीबन 20 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं यहां पर यह समझने योग्य तथ्य है कि यह मसला हिंदू मुस्लिम का नहीं है वरन यह भारतीय बनाम विदेशी का है भारतवर्ष में इन विदेशी घुसपैठियों की वजह से यहां की आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक परिवेश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा इन विदेशी घुसपैठियों के आ जाने से यहां के लोगों के व्यापार को इन घुसपैठियों द्वारा सुनियोजित तरीके से छीना जा रहा है छोटे छोटे रोजगार जैसे सब्जियों की ठेली लगाना बढ़ई नाई इलेक्ट्रीशियन बिजली वाला इत्यादि  रोजगारों पर इन विदेशी घुसपैठियों का आधिपत्य होता जा रहा है इससे भारतीय मूल के निवासियों में बेरोजगारी बढ़ रही है दूसरी तरफ इन घुसपैठियों के आने से यहां भारतवर्ष में बलात्कार अराजकता आतंकवाद एवं अन्य कानूनी अर्थव्यवस्थाएं मैं काफी मात्रा में इजाफा हुआ है जिससे कि भारतवर्ष की आंतरिक सुरक्षा को ही खतरा पैदा हो गया है ।

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