वाजपेयी की अंतिम यात्रा में उमडा़ जनसैलाब

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नयी दिल्ली।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में आज जनसैलाब उमड़ पड़ा। वाजपेयी की अंतिम यात्रा में उनके पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे वाहन के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पैदल चल रहे थे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कई केन्द्रीय मंत्री और विजय रूपाणी, शिवराज चौहान, योगी आदित्यनाथ और देवेन्द्र फडणवीस समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए राष्ट्रीय स्मृति स्थल ले जा रहे वाहन के पीछे चल रहे थे।
शब्दों व शख्सियत के धने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भाषण देने की कला में माहिर, कवि और एक बड़े राजनेता थे। 14 वर्षों से बीमार चल रहे अटल जी ने 16 अगस्त को आखिरी सांस ली। पूरा देश अटल जी के जाने से शोक में डूबा हुआ है तो वहीं बीजेपी कार्यकर्ता भी पूरी तरह से शोक में डूबे हुए हैं। जिस तरह घर में बीमार होने पर बुजुर्ग चाहे बिस्तर पर भी होते हैं तो परिवार के लोग भी सुरक्षाभाव लोग महसूस करते हैं, वैसा ही भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता महसूस करता था।
शुक्रवार दोपहर उनके शव को सेना द्वारा सजे हुए वाहन में अंतिम संस्कार के लिए यात्रा शुरू हुई तो उनके अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। इसमें शामिल युवा पीढ़ी का कहना है कि इन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर जैसे महापुरुषों की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ने की बाते सुनीं थी, लेकिन किस भाव से ऐसा होता है, ये आज समझ आया है।

दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय में शुक्रवार सुबह अटल जी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। वहां से अंतिम संस्कार के लिए जब फूलों से सजे विशेष वाहन से अटल जी को स्मृति भवन की ओर ले जाया जा रहा था तो काफिले के दोनों ओर उमड़े हजारों लोगों की आंखें नम हो गई और अटल जी अमर रहे का नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
लंबी बीमारी के बाद वाजपेयी का 93 वर्ष की आयु में कल शाम एम्स में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार यमुना नदी के घाट पर स्थित ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर किया जाएगा। उमसभरी गर्मी के बीच हजारों की संख्या में लोग सात किलोमीटर मीटर लम्बे मार्ग पर वाहन के साथ चल रहे थे। जिस मार्ग से वाजपेयी की अंतिम यात्रा गुजर रही थी, उस पर भारी सुरक्षाबल तैनात किये गये थे। अंतिम यात्रा के दौरान लोग ‘‘अटल बिहारी अमर रहे’’ जैसे नारे लगा रहे थे। भाजपा मुख्यालय से वाजपेयी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा है। दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय से पार्थिव शरीर को अपराह्न दो बजे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

वाजपेयी के पार्थिव शरीर को कल रात एम्स से कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आधिकारिक आवास ले जाया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू,राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख बिपिन रावत, नौसेना प्रमुख सुनील लांबा और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व प्रधानमंत्री को उनके सरकारी आवास पर श्रद्धांजलि दी।

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