1 फरवरी को नृत्य एवं संगीत कला की बेजोड़ प्रस्तुति

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नई दिल्ली-

जयपुर घराने से संबंधित महान कथक प्रतिपादक पंडित तीरथ राम शर्मा की याद में साल 2009 में नाद-नर्तन नामक संस्था की स्थापना की गई थी। नाद-नर्तन कला और संस्कृति के लिए समर्पित गैर सरकारी संगठन है। संस्था कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हर साल नृत्य और संगीत समारोह का आयोजन करता है और इस साल भी संस्था अपना 9वां नाद-नर्तन नृत्य एवं संगीत समारोह का आयोजन 1फरवरी, 2019 त्रिवेणी कला संगम, तानसेन मार्ग, नई दिल्ली में कर रहा है। कार्यक्रम में गायन के आगरा-अरतौली घराने के मास्टर षडज अय्यर और लखनऊ घराने से विदुषी रानी खानम-कथक का प्रदर्शन करेंगी. मास्टर षडज अय्यर 14 वर्षीय एक बाल कलाकार हैं जो अहमदाबाद में 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं। मास्टर षडज अय्यर उस्ताद शौकत हुसैन खान के शिष्य हैं।

कार्यक्रम में आखिरी प्रस्तुति पंडित बिरजू महाराज की शिष्या और लखनऊ घराने की प्रसिद्ध कत्थक नर्तकी विदुषी रानी खानम प्रस्तुत करेंगी. रानी खानम एक बेहतरीन नर्तकी के साथ ही एक बेहतरीन कोरियोग्राफर भी हैं। वे सूफियाना कविता और इस्लामी छंदों के अनूठे प्रदर्शनों की प्रस्तुति में बेजोड़ हैं और अपनी इन्ही कलाओं के कारण उनकी लोकप्रियता सातवें आसमान पर हैं. गौरतलव है कि विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत अध्यापन एवं अनुसंधान के माध्यम से संरक्षित में स्व. पंडित तीरथ राम शर्मा का खास योगदान रहा है। संगीत और नाटक के क्षेत्र में उच्चतम योगदान के लिए पंडित तीरथ राम शर्मा को 20 मार्च, 2006 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम के द्वारा सम्मानित किया गया था। वर्तमान  में स्व. पंडित तीरथ राम शर्मा के बताए गए पदचिन्हों पर कार्य कर रहा है।

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