ICCI द्वारा नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव का भव्य आयोजन

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नई दिल्ली –

नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव का भव्य आयोजन इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के तत्वाधान में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के मल्टी परपस हॉल में किया गया. इस एजुकेशन कॉन्कलेब को देश भर के शिक्षा के तमाम दिग्गजों ने संबोधित किया. इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) द्वारा आयोजित इस नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव को RJD सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा के स्तर में सुधार की जरूरत है. बिहार में शिक्षा व्यवस्था मजाक का केंद्र बन गई है.

बिहार में शिक्षा व्यवस्था मजाक का केंद्र – जयप्रकाश नारायण यादव ( RJD सांसद)

 

इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव को संबोधित करते हुए सांसद जयप्रकाश यादव ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था मजाक का केंद्र बन गया है, जहां हर प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हो रहा है. उन्होंने कहा कि आज बिहार में शिक्षा में निवेश की जरूरत है जिसमें सबको सहयोग देने की आवश्यकता है. इसके अलावा सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने शिक्षा के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर देते हुए कहा कि बिहार अन्य प्रदेशों से शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी पिछड़ा है, जिस पर आज कार्य करने की जरूरत है.

सांसद ने इस बावत आंकड़ें भी पेश किए. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में में 1347 टेक्नीकल कॉलेज में 1,20,000 फैक्लटी हैं, वहीं महाराष्ट्र में 1542 टेक्नीकल कॉलेज में 80000 फैकल्टी हैं तो बिहार में सिर्फ 96 टेक्नीकल कॉलेज में 3000 फैकल्टी है. आज बिहार में टेक्नीकल कॉलेज की संख्या बढ़ाने की बहुत जरूरत है, इसके लिए एआईसीटीई को सहयोग का रूख अपनाना पड़ेगा जिससे की बिहार के छात्रों को न्याय मिल सके और उन्हें बाहर जाना न पड़े।आईसीसीआई के इस खचाखच भर हॉल को संबोधित करते हुए जयप्रकाश नरायण यादव ने कहां कि आज इंटिग्रेटेड शिक्षा पर जोर देने की जरूरत है. जिस पर आईसीसीआई ने जो पहल की है वह अद्वीतीय है. सांसद जयप्रकाश यादव ने कहा कि आज स्मार्ट गांव स्मार्ट शिक्षा देने की जरूरत है जिस पर कार्य करने की जरूरत है.

नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्कलेव को संबोधित करते हुए एआईसीटीई के मेम्बर सेक्रेटरी एपी मित्तल ने कहा कि सरकार ने स्मार्ट हैक्थोनॉन की शुरुआत की जिसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखने को मिल रहा है. कई छात्रों के सुझाव को सरकार ने स्पष्ट रूप में स्वीकार किया है. आज देश में फैक्लटी डेवलपमेंट प्रोग्राम की आवश्यकता है. आईसीसीआई ने जिस प्रकार से कार्य की शुरुआत की है वह अहम है. साथ ही उन्होंने कहा कि आज हम छात्रों को कहां- कहां इंवोल्व कर सकते है इसको तलाशने की जरूरत है. सरकार ने कई ऐसी योजनाएं चलाई है जिसका स्पष्ट रूप से प्रभाव देखने को मिल रहा है.

कई बड़ी हस्तियां रही मौजूद

इस खास आयोजन में हायर एजुकेशन के दशा- दिशा पर खास चर्चा हुई. इस मौके पर एकेएस यूनिवर्सिटी के चांसलर अनन्त सोनी, हिमालयन यूनिवर्सिटी व सीईजीआर के प्रेसिडेंट एनके सिन्हा, वोल्टास के सीओओ और आईसीसीआई के वाइस प्रेसिंडेट सलील कपूर, शोभित यूनिवर्सिटी के चांसलर कुंवर शेखर विजेंद्र, लाइफ साइंस सेक्टर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के सीईओ रंजीत मदान, आईटीसी के डायरेक्टर व आईसीसी के नेशनल सेक्रेटरी प्रो. अजय कुमार, सहित कई अन्य वरिष्ठ विद्वजन ने संबोधित किया. वहीं इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) कार्यक्रम में विभिन्न यूनिवर्सिटी के डीन, और शिक्षकों को अवार्ड देकर सम्मानित भी किया गया.

आखिर क्या हैं (आईसीसीआई)

इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई)-  इंटिग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) उद्योग का विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, कारपोरेट, नीति, निर्माताओं, मीडिया, अकादमिक और शोधकर्ता का एक मजबूत नेटवर्क है. आईसीसीआई नियमित विचार-विमर्श, सर्वेक्षण, उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच पुल का कार्य करता है. आईसीसीआई का विजन भारत की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में भारत सरकार का सहयोग देना है.

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