रायपुर में अवैध फ्यूल सिंडिकेट का बड़ा खुलासा, 35 लाख का पेट्रोल-डीजल और टैंकर जप्त, 4 धंधेबाज गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस, आरोपियों से पूछताछ जारी

Raipur: Major revelation of illegal fuel syndicate, petrol, diesel and tanker worth Rs 35 lakh seized, 4 traffickers arrested, police investigating, interrogation of accused continues

रायपुर में अवैध फ्यूल सिंडिकेट का बड़ा खुलासा, 35 लाख का पेट्रोल-डीजल और टैंकर जप्त, 4 धंधेबाज गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस, आरोपियों से पूछताछ जारी

रायपुर : रायपुर में पुलिस ने अवैध ईंधन कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है. कबीर नगर थाना पुलिस ने दबिश देकर भारी तादाद में डीजल-पेट्रोल बरामद किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई रायपुर के कबीर नगर क्षेत्र में की गई.
मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि कान्हा ढाबा के पीछे, ईपी रोलिंग मिल के पास अवैध तरीके से पेट्रोल और डीजल का भंडारण और बिक्री की जा रही है. खबर के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से चार आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा.
 पुलिस को मौके पर एक टैंकर नम्बर CG07BA8727) भी खड़ा मिला. जब टैंकर की जांच की गई तो उसमें करीब 12 हजार लीटर डीजल भरा हुआ पाया गया. पुलिस ने तुरंत टैंकर को जब्त कर लिया.
जांच में सामने आया कि आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस के ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण कर रहे थे और इसे खुले बाजार में बेचने की तैयारी में थे. पुलिस ने मौके से भारी तादाद में ईंधन और उपकरण बरामद किया हैं. बरामद सामग्री में 8 ड्रमों में भरा 1,600 लीटर पेट्रोल, 3 ड्रमों में 500 लीटर डीजल और एक टैंकर में भरा 12,000 लीटर डीजल शामिल है. इसके अलावा 1,30,000 रुपये नकद, 1 मोटर पंप, 2 चाड़ी (कीप) और कटिंग ड्रम भी जब्त किया गया. कुल मिलाकर 14,100 लीटर ईंधन बरामद किया गया. जब्त सामग्री और टैंकर सहित इसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 35,45,770 रुपये आंकी गई है.
पुलिस पूछताछ में आरोपी ओमप्रकाश साव उर्फ कालिया ने बताया कि वह टैंकर चालकों और अन्य लोगों से पेट्रोल-डीजल खरीदकर अवैध तरीके से उसकी बिक्री करता था. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी रामजी यादव इंडियन ऑयल के लखौली डिपो से डीजल भरकर राजनांदगांव ले जाता था और रास्ते में कुछ मात्रा कालिया के यार्ड में बेच देता था.
पुलिस के मुताबिक धर्मेंद्र साव और उमेश साव भी इस पूरे अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से शामिल थे. शुरुआती जांच में यह मामला सिर्फ चोरी के ईंधन की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं लग रहा है. बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क होने की आशंका जताई जा रही है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओमप्रकाश साव उर्फ कालिया निवासी रायपुर, उमेश साव निवासी बीरगांव, रामजी यादव निवासी दुर्ग और धर्मेंद्र साव निवासी भिलाई के रूप में हुई है. पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है. साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287 के तहत भी कार्रवाई की गई है. गिरफ्तारी की खबर आरोपियों के परिजनों को दे दी गई है.
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी उरला और आमानाका क्षेत्र में इसी तरह के मामलों में पकड़े जा चुके हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध ईंधन कहां से लाया जा रहा था और इसे कहां सप्लाई किया जाना था. पुलिस अब इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि ऐसे अवैध कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.
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