राजधानी में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई चिंता, 60 से ज्यादा मरीज मिले, 6 की मौत, जारी किया गया हेल्पलाईन नम्बर
Swine flu increases concern in the capital more than 60 patients found 6 dead helpline number issued
रायपुर : छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू ने चिंता बढ़ा दी है. पिछले एक महीने में 60 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं. जिसमें रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव के मरीज शामिल हैं. वहीं 6 मरीजों की मौत भी हो चुकी है. इनमें 4 की मौत बिलासपुर और दो की राजनांदगांव में हुई है. गुरुवार को बिलासपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में मनेंद्रगढ़ निवासी 41 साल के कॉलरीकर्मी की मौत हो गई.
राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में जुलाई-अगस्त में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दी है. रायपुर में स्वाइन फ्लू का पहला केस जुलाई के पहले हफ्ते में आया था. कांकेर का मरीज एक निजी अस्पताल में भर्ती था. वही 15 दिनों से ज्यादा वेंटिलेटर पर रहा और उसकी जान बच गई. उन्हीं मरीजों की मौत हो रही है. जिनकी बीमारी की जांच देरी से हो रही है. इसकी वजह से इलाज में भी देरी हो रही है. बिलासपुर व राजनांदगांव में जिन मरीजों की मौत हुई है. वे ग्रामीण इलाकों के रहने वाले थे. लंबे समय तक खांसी व सर्दी रहने पर जांच कराई तो स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई.
स्वास्थ्य विभाग ने इन बीमारियों से रोकथाम एवं बचाव के लिए सजग रहने की समझाइश देते हुए पर्याप्त सावधानी बरतने की अपील की है
कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इससे संबंधित जानकारी और सुझाव के लिए हेल्पलाईन नम्बर जारी किया है. ये नम्बर दिन-रात चालू रहेंगे. स्वाइन फ्लू के लक्षण की जरा भी आशंका होने पर इन नम्बरों से संपर्क कर फौरन मदद ली जा सकती है.
सीएमएचओ डॉ. प्रभात श्रीवास्तव ने सभी स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों को स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के जरा भी लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर इसकी जांच और उपचार करवाएं.
सिम्स का हेल्प लाईन नम्बर 75874-85907, जिला अस्पताल 07752-480251, अपोलो अस्पताल 97555-50834 और स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नम्बर 104 पर संपर्क किया जा सकता है. सीएमएचओ ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण आम सर्दी-खांसी, बुखार के लक्षणों जैसे होते है. स्वाइन फ्लू का जो वायरस होता है वो मनुष्य के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. ये फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है. फेफड़े धीर-धीरे काम करना बंद कर देते हैं.
उन्होंने बचाव के उपाय बताते हुए बताया कि सर्दी-खांसी के मरीजों से बात करते समय मुंह में रुमाल रखें या मास्क का प्रयोग करें. साथ ही बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें. भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें. जोखिम वाले लोगों से दूरी बनाए रखें और सर्दी-खांसी लक्षणों वाले लोगों से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें. खांसी या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रुमाल या कोहनी से ढकें. पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त आराम करें और तनाव कम रखें, स्वच्छता बनाए रखें. नियमित रुप से सतहों और वस्तुओं को साफ करें. अगर आपको लक्षण दिखाई दें तो फौरन चिकित्सा सलाह लें.
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