समय पर नहीं मिली 108 वाहन, रास्ते में हो गई नवजात की मौत, परिजनों ने किया हंगामा, दो 108 में एक खराब, 2 सौ मरीज पर एक गाड़ी
108 vehicle was not found on time newborn died on the way family members created ruckus one out of two 108 broke down one vehicle for 200 patients
महासमुंद/तुमगांव : नवजात को परिजन इलाज के लिए लेकर भटकते रहे लेकिन समय पर उचित इलाज और 108 नहीं मिल पाने की वजह से नवजात की मौत हो गई. मौत के बाद तुमगांव थाना स्थित साईं नमन हॉस्पिटल में देर रात तक कुछ लोगों ने हंगामा किया.
हम आपको बता दें कि तुमगांव के साईं नमन हॉस्पिटल में 18 अक्टूबर दोपहर 3:20 डॉक्टरों ने ऊषा निषाद उम्र 22 साल का ऑपरेशन कर स्वस्थ बच्चे की डिलवरी कराया. जिसे डॉक्टरों ने अपनी देख रेख में रखा था.
अचानक नवजात बच्चे को सांस में परेशानी होने लगी और नवजात का जिस्म नीला पड़ने लगा. साईं नमन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बच्चे परिजनों को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी. नवजात के परिजनों ने सुविधाओं से लैस 108 को बुलाया. लेकिन 108 वाहन समय पर पहुंच पाने के लिए असमर्थता जाहिर की. जिसके बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने अपने एंबुलेंस में जिला मेडिकल कालेज अस्पताल नवजात को पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद रायपुर रेफर कर दिया. नवजात शिशु के परिजनों ने फिर से 108 वाहन को मदद के लिए फोन किया. तब फिर से 108 वाहन ने तत्काल वाहन उपलब्ध करा पाने में असमर्थता जाहिर की. जिसके बाद परिजनों ने फिर साईं नमन हॉस्पिटल के एम्बुलेंस में नवजात बच्चे को रायपुर अस्पताल ले जा रहे थे तभी रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई.
नवजात बच्चे की मौत के बाद कुछ लोगों ने साईं नमन हॉस्पिटल के सामने हंगामा खड़ा कर दिया. जिला हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि कुछ कुछ बच्चों को मां के पेट के भीतर कोई समस्या नहीं होती है. लेकिन पेट से बाहर आते हैं शारीरिक विकार से ग्रसित नवजात को समस्या हो जाती है.
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