नशे में धुत पटवारी की दबंगई, ऋण पुस्तिका देने के एवज में 20 हजार रुपए की मांग, कार्यालय से धक्का देकर निकाला बाहर, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Drunken Patwari's bullying, demanded 20 thousand rupees in exchange for giving loan book, pushed him out of the office, huge anger among villagers

नशे में धुत पटवारी की दबंगई, ऋण पुस्तिका देने के एवज में 20 हजार रुपए की मांग, कार्यालय से धक्का देकर निकाला बाहर, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

सूरजपुर/प्रतापपुर : सूरजपुर जिला के ग्राम गोविंदपुर में पदस्थ पटवारी मोगेंद्र सिंह का शराब के नशे में ग्रामीणों से दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है. पटवारी ने ऋण पुस्तिका देने के एवज में 20 हजार रुपए की मांग की और पैसा न देने पर ग्रामीण को कार्यालय से धक्का देकर बाहर निकाल दिया. मामले की शिकायत पीडि़त ग्रामीण रोहित रजक ने रेंवटी चौकी में की है.
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार की शाम ग्राम गोविंदपुर निवासी रोहित रजक अपने साथी के साथ पटवारी कार्यालय में ऋण पुस्तिका लेने पहुंचे थे. ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी मोगेंद्र सिंह शराब के नशे में थे और उन्होंने ऋण पुस्तिका के बदले 20 हजार रुपए की मांग की. पैसे देने से मना करने पर पटवारी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया.
पटवारी कार्यालय बना नशाखोरी और दलाली का अड्डा
ग्रामीणों ने बताया कि गोविंदपुर पटवारी कार्यालय में शाम होते ही शराबखोरी और गैरकानूनी गतिविधियां आम हो चुकी हैं. पटवारी मोगेंद्र सिंह अक्सर अपने साथ एक दलाल रखता है. जो ग्रामीणों से फौती, नामांतरण, नक्शा दुरुस्त करने और अन्य दस्तावेजों के लिए रिश्वत मांगता है. ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी बिना पैसे कोई भी सरकारी काम नहीं करता.
ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पटवारी मोगेंद्र सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भ्रष्टाचार और नशाखोरी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए.
सुदूर वनांचल क्षेत्र में लोगों के त्वरित सुनवाई हो सके इसके लिए क्षेत्र में उप तहसील खुलवाई गई है. लेकिन भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी इस कदर है कि शराब दारु मुर्गा बकरा के बिना किसी का कोई काम नहीं होता. काम करने के एवज में पटवारी रुपए के साथ में शराब और मुर्गा दारु की भी मांग करते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि छोटा से छोटा काम के लिए हजारों रुपए का रकम लिया जाता है. पैसा नहीं देने पर महीनों चक्कर लगाना पड़ता है.
यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी दर्जनों ऐसे मामला सामने आ चुके हैं जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी का माहौल है. वही अधिकारी जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर खुलेआम भ्रष्टाचार को दबाने की कोशिश करते हैं जिससे ऐसे लोगों के हौसले बुलंद है।
जांच में जुटी पुलिस
रेंवटी चौकी प्रभारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है. दोषी पाए जाने पर पटवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस विषय में रेवटी चौकी प्रभारी ने कहा कि मामले की शिकायत हुई है. जांच की जा रही है. तथा उच्च अधिकारियों की दिशा निर्देश पर जांच कर कार्यवाही जाएगी.
एसडीएम ललिता भगत ने कहा कि मामला के गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाएगी. दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा की जाएगी.
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