सिरदर्द-बुखार के साथ उड़ गई है भूख? इस वायरस का हो सकता है अटैक

Mumps Virus Outbreak: मम्स वायरस राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है. साल 2024 के शुरुआती तीन महीनों में 15 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ गए. दिल्ली-एनसीआर में इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉक्टर्स की मानें तो यह वायरस बच्चों और वयस्क सभी को संक्रमित कर सकता है.

सिरदर्द-बुखार के साथ उड़ गई है भूख? इस वायरस का हो सकता है अटैक

Mumps Virus Outbreak : मम्स वायरस राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है. साल 2024 के शुरुआती तीन महीनों में 15 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ गए. दिल्ली-एनसीआर में इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉक्टर्स की मानें तो यह वायरस बच्चों और वयस्क सभी को संक्रमित कर सकता है.

भारत में पिछले कुछ महीनों से मम्स वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो इस साल जनवरी से मार्च तक 15 हजार से ज्यादा लोग मम्स वायरस से संक्रमित हो गए. महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और राजस्थान के अलावा इस वक्त दिल्ली-एनसीआर में यह वायरस तेजी से फैल रहा है. इस वायरस को लेकर लोगों में मन में डर पैदा हो गया है, क्योंकि यह वायरस छोटे बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है. हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि उनके पास इस वायरस से संक्रमित सभी उम्र के लोग आ रहे हैं. चलिए डॉक्टर से जानते हैं कि मम्स वायरस क्या है, इसकी पहचान कैसे की जाए और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.

ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. दिनेश कुमार त्यागी ने News18 को बताया कि मम्स वायरस की वजह से वायरल संक्रमण फैलता है. इन दिनों मम्स वायरस के कई मामले सामने आ रहे हैं. इस वायरस का संक्रमण होने पर लोगों की पैरोटिक सैलिवरी ग्लैंड्स (Parotid Salivary Glands) में सूजन आ जाती है और सिरदर्द, बुखार, शरीर में दर्द, पैंक्रियाज में सूजन और लड़कों के टेस्टिकल्स में सूजन जैसे लक्षण नजर आते हैं. कई लोगों को यह संक्रमण होने पर भूख नहीं लगती है. इस वायरस का खतरा बच्चों और कम इम्यूनिटी वाले लोगों को ज्यादा होता है. हालांकि यह किसी भी उम्र के लोगों को संक्रमित कर सकता है.

डॉ. त्यागी ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति के गले के आसपास दर्द हो, कान के पास सूजन हो, शरीर दर्द हो या बुखार हो, तो लोगों को डॉक्टर से मिलकर जांच करानी चाहिए. हैरानी वाली बात यह है कि वर्तमान समय में इस वायरस के मामले ज्यादा उम्र के लोगों में देखने को मिल रहे हैं, जबकि पहले यह बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता था. इस वायरस के इलाज की बात करें, तो लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है. किसी को बुखार आए तो बुखार की दवा दी जाती है. अन्य लक्षण दिखें, तो उसकी दवा दी जाती है. इस वायरस से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनानी चाहिए और MMR वैक्सीन लगवानी चाहिए. यह वैक्सीन सभी उम्र के लोग लगवा सकते हैं और इससे वायरस से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है.(एजेंसी)