धान खरीदी में गड़बड़ी के 46 मामले आए सामने, 22 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, 5 कर्मचारी सस्पेंड, महकमे में मचा हड़कंप
46 cases of irregularities in paddy procurement came to the fore, FIR lodged against 22 employees, 5 employees suspended, uproar in the department
रायपुर : प्रदेश में इस बार धान खरीदी में अनियमितता के 46 मामले सामने आए हैं. अनियमितता में शामिल 22 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. यही नहीं 5 कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 10 फरवरी 2025 तक करीब डेढ़ करोड़ धान की खरीदी हुई थी. बताया गया कि कुल मिलाकर 27 लाख 79 हजार पंजीकृत किसानों में से 25 लाख 49 हजार 592 किसानों ने ही धान बेचे हैं. पंजीकृत किसानों में से 2 लाख 29 हजार किसान इस बार धान बेचने नहीं गए.
बताया गया कि धान खरीदी में अनियमितता की पूरे प्रदेश से शिकायत आई है.सीमावर्ती जिले महासमुंद और अन्य जगहों पर दूसरे प्रदेशों से धान लाकर बेचे गए हैं. इसमें कोचिए के साथ धान खरीदी केन्द्रों के कर्मचारियों की भी भूमिका रही है. जिला प्रशासन ने इस पर सख्त कार्रवाई की है.
बताया गया कि खरीफ वर्ष 2024-25 से 10 फरवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता के 46 मामले सामने आए हैं. इनमें 22 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. 13 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है. 21 कर्मचारियों को धान खरीदी कार्य से अलग और दो को सेवा से अलग किया गया है.
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