मुन्ना भाई स्टाइल में परीक्षा में साले को भेजा, जीजा-साला दोनों गिरफ्तार, इधर DPI ने नकल कराने वाली महिला व्याख्याता को किया सस्पेंड
Brother-in-law sent to exam in Munnabhai style, both brother-in-law and brother-in-law arrested, on the other hand DPI suspended the female lecturer who helped in cheating
रायगढ़ : पुसौर थाना क्षेत्र में ठगी का अनोखा मामला सामने आया है. जहां दसवीं की ओपन परीक्षा में एक युवक ने फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' की तर्ज पर अपने साले को अपनी जगह परीक्षा देने भेज दिया। मगर उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक छिपी नहीं रह सकी और स्कूल प्रशासन की सतर्कता से परीक्षा कक्ष में ही फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया. पुसौर पुलिस ने आरोपी जीजा-साला को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झलमला में 1 अप्रैल 2025 को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कक्षा 10वीं की विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित थी. परीक्षा कक्ष क्रमांक 01 में पर्यवेक्षक जब उपस्थिति पत्रक की जांच कर रहे थे. तभी उन्हें एक परीक्षार्थी पर शक हुआ. जब प्रवेश पत्र में लगी फोटो और परीक्षा दे रहे युवक के चेहरे का मिलान किया गया. तो साफ हो गया कि दोनों अलग-अलग लोग हैं. परीक्षा केंद्र के प्राचार्य कामता नाथ तिवारी ने फौरन थाना पुसौर को खबर दी.
पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया. पूछताछ में उसने खुद को अमन सारथी उम्र 18 साल पिता पंचराम सारथी, निवासी सराईपाली, थाना कोतरारोड, जिला रायगढ़ बताया. जब जांच आगे बढ़ी. तो पता चला कि अमन असल परीक्षार्थी नहीं है. बल्कि वह अपने जीजा यादराम सारथी उम्र 27 साल की जगह परीक्षा देने आया था.
असली परीक्षार्थी यादराम सारथी फरार मिला तो पुलिस ने फौरन उसकी तलाश शुरु की और धरमजयगढ़ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में यादराम ने कबूल किया कि वह परीक्षा में पास होने के लिए अपने साले अमन को लालच देकर अपनी जगह बैठाया था.
पुलिस ने प्राचार्य की शिकायत पर थाना पुसौर में अमन सारथी और यादराम सारथी के खिलाफ अपराध क्रमांक 82/2025, धारा- 318 (4), 319 (2), 61 (2), 3 (5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया। इसके अलावा जांच में छत्तीसगढ़ मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 की धारा 04 भी जोड़ी गई. जो परीक्षा में धोखाधड़ी और प्रतिरुपण से जुड़ी गड़बड़ियों पर लागू होती है.
पुलिस ने इस मामले में शिक्षा अधिकारी का आदेश पत्र, परीक्षा का टाइम टेबल, परीक्षार्थी उपस्थिति पत्र, आरोपी की उत्तर पुस्तिका और मोबाइल से ली गई तस्वीरें जब्त कर ली हैं. इस फर्जीवाड़े को बेनकाब करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम और सीएसपी आकाश शुक्ला के निर्देशन में कार्रवाई की गई. आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, प्रधान आरक्षक योगेश उपाध्याय, आरक्षक कीर्तन यादव और खिरोद भोय की अहम भूमिका रही.
पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाने के बाद दोनों आरोपियों यादराम सारथी उम्र 27 साल और अमन सारथी उम्र 18 साल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
परीक्षा में पास होने के लिए किया गया यह 'मुन्ना भाई स्टाइल' फर्जीवाड़ा जीजा-साले के लिए महंगा साबित हुआ. प्रशासन व पुलिस ने साफ किया कि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
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DPI ने नकल कराने वाली महिला व्याख्याता को किया सस्पेंड
बिलासपुर : डीपीआई ने महिला व्याख्याता को सस्पेंड कर दिया है. आरोप है कि महिला व्याख्याता रंजना शर्मा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान बच्चों को नकल करा रही थी. पूरा मामला बिलासपुर का है. जहां उड़नदस्ता दल में शामिल 36 अधिकारी लगातार जांच कर रही थी. इसी दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. लेकिन उन्हें किसी भी छात्र को नकल करते हुए नहीं पाया. एक महिला लेक्चरर को नकल कराते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. जिसके बाद DPI ने उसे निलंबित कर दिया.
नकल रोकने के लिए किए गए सख्त इंतजाम
बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सख्त निर्देश जारी किए थे. जिला शिक्षा अधिकारी को विशेष रुप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया था कि परीक्षा केंद्रों पर नकल न हो. इसी के तहत 6 उड़नदस्ता दल बनाए गए. जिनमें हर दल में 6 अधिकारी नियुक्त किए गए. इन दलों को पूरे जिले में परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई थी.
महिला लेक्चरर नकल कराते रंगे हाथों पकड़ी गई
17 मार्च को लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के अधिकारियों ने जिले के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया. उसी दिन 10वीं बोर्ड की सामाजिक अध्ययन परीक्षा चल रही थी. जब अधिकारी तखतपुर विकासखंड के उसलापुर स्थित गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे. तो उन्हें कक्ष क्रमांक 5 में ड्यूटी पर तैनात लेक्चरर रंजना शर्मा छात्रों को प्रिंटेड नकल सामग्री बांटते हुए मिली. अधिकारियों ने मौके पर ही साक्ष्य एकत्र किए और इसकी रिपोर्ट DPI को भेजी.
महिला लेक्चरर को किया गया निलंबित
नकल कराते पकड़े जाने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक दिव्या उमेश मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 28 मार्च को आदेश जारी कर लेक्चरर रंजना शर्मा को निलंबित कर दिया. आदेश में कहा गया कि उनका यह कृत्य उनके पदीय दायित्वों के खिलाफ है और यह अनुशासनहीनता के साथ-साथ लापरवाही भी है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है.
अधिकारियों की कड़ी निगरानी के बावजूद छात्रों की नकल नहीं मिली
बिलासपुर जिले में गठित 6 उड़नदस्ता दलों को परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से किसी भी दल को एक भी नकलची छात्र नहीं मिला. हालांकि महिला लेक्चरर को नकल कराते हुए पकड़े जाने से साफ है कि परीक्षा में नकल को रोकने के लिए कड़े प्रयासों के बावजूद शिक्षकों द्वारा अनुचित साधनों का सहारा लिया जा रहा है. यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है और प्रशासन को और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरुरत को दर्शाती है.
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