छत्तीसगढ़ निकाय उपचुनाव में सुशासन तिहार के बीच नगरीय निकाय के चौंकाने वाले नतीजे, भाजपा सरकार के बावजूद कई जगह कांग्रेस का लहराया परचम

Chhattisgarh witnessed surprising results in the urban body elections amid the Good Governance Festival; despite the BJP government, Congress emerged victorious in many places.

छत्तीसगढ़ निकाय उपचुनाव में सुशासन तिहार के बीच नगरीय निकाय के चौंकाने वाले नतीजे, भाजपा सरकार के बावजूद कई जगह कांग्रेस का लहराया परचम

पलारी नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत, यानेश कुमार बने अध्यक्ष

रायपुर : एक तरफ प्रदेश में सरकार सुशासन तिहार के जरिए जनता के बीच अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का संदेश पहुंचाने में जुटी है, वहीं नगरीय निकाय चुनाव और उपचुनाव के नतीजों ने स्थानीय राजनीति की एक अलग तस्वीर सामने रख दी है. परिणाम बताते हैं कि राज्य की सत्ता भाजपा के हाथ में होने के बावजूद मतदाताओं ने कई स्थानों पर कांग्रेस को भी मजबूत समर्थन दिया है.

घुमका नगर पंचायत में  अध्यक्ष पद पर कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने जीत दर्ज करते हुए भाजपा प्रत्याशी किरण वर्मा को करीब 85 मतों से पराजित कर दिया.

बालोद : नगर पंचायत पलारी के चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है. कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार साहू ने भाजपा प्रत्याशी लखनलाल गुरुपंच को पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया. वहीं कांग्रेस समर्थित 10 वार्डों में पार्षद प्रत्याशियों की जीत के साथ नगर पंचायत में कांग्रेस का परचम लहराया है. मतगणना के तीसरे और अंतिम चरण में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार को 566 वोट मिले. जबकि भाजपा प्रत्याशी लखनलाल गुरुपंच को 491 वोट मिले. इस तरह कांग्रेस ने अध्यक्ष पद पर बड़ी जीत दर्ज की.
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस जीत को जनता के विश्वास, संगठन की मेहनत और पार्टी की जनहितकारी नीतियों की जीत बताया है. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन और बालोद विधायक संगीता सिन्हा की लगातार सक्रियता और जमीनी स्तर पर किए गए संगठनात्मक प्रयासों का सकारात्मक रिजल्ट चुनाव में देखने को मिला. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा ने पलारी चुनाव में पूरी ताकत झोंकी थी। चुनाव प्रचार के दौरान प्रभारी मंत्री, पार्टी संगठन, प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने भी लगातार दौरे किए थे. इसके बावजूद भाजपा मतदाताओं का विश्वास जीतने में कामयाब नहीं हो सकी.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा ने जीत के बड़े दावे किए थे. लेकिन चुनाव परिणाम ने तस्वीर बदल दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की एकजुटता तथा जनता के बीच किए गए कार्यों के कारण पार्टी को यह कामयाबी मिली है.चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है. विजयी प्रत्याशियों का स्वागत करते हुए पार्टी नेताओं ने पलारी की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि जनता ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक संगीता सिन्हा के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कांग्रेस को समर्थन दिया है.
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सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद भाजपा के खाते में गया. लेकिन 15 वार्डों में कांग्रेस ने 8 सीटें जीतकर परिषद में बहुमत हासिल कर लिया. यानी अध्यक्ष भाजपा का होगा. लेकिन परिषद में कांग्रेस की आवाज ज्यादा मजबूत रहेगी. सूरजपुर जिले के नवगठित शिवनंदनपुर नगर पंचायत पर भाजपा का कब्जा हो गया है. रितेश जायसवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी को 362 वोटों से हराया.
इसी तरह पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया. अध्यक्ष पद जीतने के साथ कांग्रेस ने 15 में से 10 वार्डों पर कब्जा जमाया. जबकि भाजपा सिर्फ 5 सीटों तक सिमट गई. पलारी का परिणाम कांग्रेस संगठन के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है.
हालांकि बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा ने अध्यक्ष पद के साथ 15 में से 11 वार्ड जीतकर एकतरफा जीत दर्ज की. यहां कांग्रेस सिर्फ 3 वार्ड जीत सकी. जबकि एक सीट निर्दलीय के खाते में गई.
तुमगांव नगर पंचायत में जनता ने कांग्रेस को अध्यक्ष पद सौंपा. लेकिन परिषद में भाजपा को 10 सीटें देकर बहुमत दे दिया. कांग्रेस को सिर्फ 4 सीटें मिलीं. जबकि एक निर्दलीय विजयी हुआ. यानी अध्यक्ष और परिषद अलग-अलग राजनीतिक दलों के हाथ में चले गए.
चारों नगर पंचायतों के कुल 60 वार्डों का आंकड़ा देखें तो भाजपा को 33, कांग्रेस को 25 और 2 सीटें निर्दलीयों को मिलीं. तादाद के हिसाब से भाजपा आगे रही. लेकिन राजनीतिक संदेश इससे कहीं ज्यादा जटिल दिखाई दे रहा है.
नगर निगम जगदलपुर और नगर निगम बिलासपुर जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहे. इसके अलावा चारामा, पखांजूर और फरसगांव की एक सीट भी कांग्रेस के खाते में गई. वहीं भाजपा ने दीपका, जशपुरनगर की दो सीटें, किरोड़ीमलनगर, सरगांव और फरसगांव की एक सीट जीतकर कुल छह वार्ड अपने नाम किए.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये परिणाम बताते हैं कि स्थानीय चुनावों में मतदाता अब भी उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय समीकरणों को महत्व दे रहे हैं. सुशासन तिहार के बीच आए इन नतीजों ने यह संकेत जरूर दिया है कि भाजपा को स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करनी होगी. जबकि कांग्रेस के लिए यह संदेश है कि वह अभी भी कई क्षेत्रों में मुकाबले की स्थिति में बनी हुई है.
नतीजों का सार:
अध्यक्ष पद – भाजपा 3, कांग्रेस 2
आम चुनाव वार्ड – भाजपा 33, कांग्रेस 25, निर्दलीय 2
उपचुनाव वार्ड – भाजपा 6, कांग्रेस 5
पलारी में कांग्रेस का दबदबा शिवनंदनपुर में कांग्रेस परिषद बहुमत बम्हनीडीह में भाजपा का एकछत्र राज तुमगांव में अध्यक्ष कांग्रेस का, परिषद भाजपा की इन परिणामों ने साफ कर दिया है कि स्थानीय राजनीति में मुकाबला अभी भी खुला हुआ है और मतदाता हर चुनाव में अलग संदेश देने का माद्दा रखते हैं.
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