मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, कर्मचारियों के दबाव में खुद के आदेश को करते हैं कैंसिल

Chief Medical Officers orders are being flouted canceling their own orders under pressure from employees

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, कर्मचारियों के दबाव में खुद के आदेश को करते हैं कैंसिल

कबीरधाम : कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राज के राज में अधिकारी कर्मचारी का एक तरफा राज चलने लगा है.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था कि ट्रांसफर होने के बाद भी डॉक्टर नहीं छोड़ रहे हैं. जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में पदस्थ डॉ कार्तिक राम रात्रे को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से 21 जून 2024 के आदेश अनुसार उनका स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दामापुर किया गया.
लेकिन उक्त चिकित्सा अधिकारी डॉ कार्तिक राम रात्रे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए और उनके आदेश का पालन न करते हुए पिछले 50 से 55 दिनों तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेगाखार में जमे हुए हैं और उनके ऊपर कुछ दिन पहले पोस्टमार्टम करने के लिए शराब की डिमांड करने की शिकायत की गई थी. जिसके लिए जांच फिल्म गठित की गई थी. जिसमें शिखर सही पाई गई.
लेकिन उनकी संविदा सेवा समाप्ति नहीं की गई. बल्कि संविदा नियुक्ति शक के मुताबिक नियुक्ति के पूर्व या नियुक्ति के पश्चात किसी भी तरह के कदाचरण करने या किसी भी आपराधिक या वित्तीय अनियमितता संबंधित कृत से लिप्त होने की अवस्था में नियुक्ति करता अधिकारी द्वारा नियमन अनुसार सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जा सकती है. लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उनकी सेवा समाप्ति ना करते हुए उन्हें नियम के खिलाफ एक मौका देते हुए उनका ट्रांसफर दामापुर किया गया.
लेकिन जगह की मोह के कारण डॉ रात्रे अपनी कमाई वाली जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार को छोड़ना नहीं चाहते. इसलिए वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर फिर वापसी के लिए लगे हुए हैं. इसी वजह से वह 50 से 55 दिनों तक अपने स्थानांतरित स्थान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दामापुर में अपनी हाजिरी नहीं दिए हैं. 50 से 55 दिनों तक स्थानांतरित स्थान पर अपनी हाजिरी ना देने वाले चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज उनके ऊपर किसी भी तरह से कार्यवाही नहीं कर रहे हैं. इससे मालूम होता है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राज के आदेशों का पालन अधिकारी कर्मचारी नहीं करते हैं.
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी  कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेश  सीएमओ 2024 5314 13 अगस्त 2024 के मुताबिक जिला स्तर पर कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए जिले के चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारियों को जिला नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया था. उक्त नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कई योजनाएं और कई स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं के संचालन का दायित्व सोपा गया था. इस आदेश के निकलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राज के खास करीबी अधिकारीयो एवं कर्मचारियों ने उक्त आदेश को निरस्त करने का दबाव बनाने लगे और अपने चाहते अधिकारी को राष्ट्रीय कार्यक्रम के संचालन हेतु जिला नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर दबाव बनाने लगे और राजनेताओं से फोन करवाने लगे. जिससे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राज को अपने ही आदेश को आदेश प्रसारित होने के 1 दिन बाद ही कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश क्रमांक सीएमओ 2024 53 64 कबीरधाम 14 अगस्त 2024 आदेश को निरस्त करना पड़ा. जिससे मालूम होता है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राज के राज में उनके कुछ अधिकारी और कर्मचारियों का राज आ गया है.
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