डायरेक्टर सूरज बड़जात्या ने हर बार लिया रिस्क, यह सिलसिला 'मैंने प्यार किया' से नज़र आया

Bollywood News : राज श्री प्रोडक्शन के सबसे होनहार डायरेक्टर सूरज बड़जात्या जो कि एक प्रड्यूसर, स्क्रीनराइटर और डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं, उन्होंने भी अपनी फ़िल्मों में हर बार रिस्क लिया और यह सिलसिला मैंने प्यार किया से लेकर हालिया रिलीज़ ऊँचाई तक नज़र आया। सूरज ने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत 1989 में आई फिल्म 'मैंने प्यार किया'

डायरेक्टर सूरज बड़जात्या ने हर बार लिया रिस्क, यह सिलसिला 'मैंने प्यार किया' से नज़र आया

Bollywood News : राज श्री प्रोडक्शन के सबसे होनहार डायरेक्टर सूरज बड़जात्या जो कि एक प्रड्यूसर, स्क्रीनराइटर और डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं, उन्होंने भी अपनी फ़िल्मों में हर बार रिस्क लिया और यह सिलसिला मैंने प्यार किया से लेकर हालिया रिलीज़ ऊँचाई तक नज़र आया। सूरज ने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत 1989 में आई फिल्म 'मैंने प्यार किया' से की थी। 32 साल के करियर में बड़जात्या ने सिर्फ 7 फिल्मों का निर्देशन किया है। बड़जात्या ने महेश भट्ट के सहायक निर्देशक के रूप में अपना करियर शुरू किया।

बिना एक्शन और अश्लीलता के फिल्में बनाने के मामले में हिंदी सिनेमा में बदलाव लाने का श्रेय उन्हें ही जाता है। जब सूरज ने मैंने प्यार किया फ़िल्म बनायी तब ऐक्शन फ़िल्मों का दौर चल रहा था साथ ही अंग प्रदर्शन हर फ़िल्मों के लिये एक ज़रूरी हिस्सा बन चुका था। लेकिन सूरज की ज़िद थी कि बनायेंगे तो साफ सुथरी ही बनायेंगे और पारिवारिक ही बनायेंगे भले ही लव स्टोरी ही क्यों न हो। यह रिस्क उस दौर में इतना बड़ा था कि फ़िल्म फ्लाप होने से राजश्री को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था। न सिर्फ पैसों का बल्कि एक और फ्लाप का भी।

लेकिन सूरज का हर रिस्क और हर एक्सपेरिमेंट कामयाब रहा और धीमी शुरुआत की इस फ़िल्म ने माउथ पब्लिसिटी के दम पर इतिहास रच दिया और उस दौर की सबसे कामयाब फ़िल्म भी बन गयी। 'मैंने प्यार किया' के 4 साल बाद सूरज बड़जात्या ने एक और रिस्क लिया और  'हम आपके हैं कौन' बनायी जो उनके ही प्रोडक्शन कंपनी की सुपरहिट नदिया के पार पे आधारित थी। इस फ़िल्म को लेकर भी सबके दिल में यह आशंका थी कि यह फ़िल्म दर्शकों को कितनी पसंद आयेगी।  फिल्म 'हम आपके हैं कौन' को लेकर एक इंटरव्यू में सूरज बड़जात्या ने कहा था, 'हम आपके हैं कौन.. से मैंने बहुत कुछ सीखा क्योंकि मुझे लगा कि मैंने सबसे बड़ी फिल्म बनाई है, लेकिन जब हमारा प्रीमियर हुआ तो लोग इसे पसंद नहीं कर रहे थे।

मुझे साफ तौर से याद है कि दर्शक हर गाने के साथ बाहर जा रहे थे। पहले मुझे लगा कि मैंने एक अच्छी फिल्म बनाई है लेकिन फिर मैं सोचने लगा कि यह क्या हो गया।" सूरज बड़जात्या ने आगे कहा कि, 'मुझे याद है एक नौजवान मुझसे कह रहा था कि ऐसा सबके साथ होता है, राज कपूर जी के साथ भी ऐसा हुआ था, तो अब आप अपनी अगली फिल्म जल्दी बनाइए। चार-पांच दिनों के बाद ही परिवारों का आना शुरू हो गया। यंगस्टर्स को शुरू में फिल्म पसंद नहीं आई थी, लेकिन बाद में वे अपने दादा-दादी को थिएटर ले जाने लगे।" सूरज ने रह भी कहा कि आज भी-मैंने प्यार किया को छोड़कर युवा मेरी फिल्मों के लिए नहीं आते। वे केवल इस इरादे से आते हैं कि यह मैं अपनी नानी, नानाजी को दिखाऊंगा।

सूरज बड़जात्या कहते हैं कि, 'हम आपके हैं कौन ने मुझे सिखाया कि मुझे बस फिल्में बनानी हैं और उन्हें पेश करना है। आप कभी नहीं जानते कि उस शुक्रवार को क्या होने वाला है और आप जनता को यह दोष नहीं दे सकते कि वह सिनेमा नहीं जानती। वे सब कुछ जानते हैं।' सूरज की ज़िद का ही नतीज़ा था कि उस दौर में इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 135 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इस फ़िल्म के बाद सूरज बड़जात्या ने चार साल का गैप लेकर 'हम साथ साथ हैं' बनाई जो कामयाब रही। इसके बाद 'मैं प्रेम की दीवानी हूं' विवाह जैसी कामयाब फ़िल्म बनायी। इस फ़िल्म के 16 साल बाद सूरज बड़जात्या ने एक बार फिर सलमान खान को लेकर प्रेम रतन धन पायो बनायी और फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। हाल ही में फिल्म ऊंचाई की स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे सूरज ने बताया था कि वह प्रेम के किरदार के साथ वापस लौट रहे हैं। इन्होने पिक्चर का टाइटल भी अनाउंस कर दिया है, जोकि है 'प्रेम की शादी'।

दोस्तों सूरज ने हर बार पारिवारिक और साफ सुथरी फ़िल्म बनाने का रिस्क लिया और कामयाब रहे लेकिन जब उन्होंने आम फ़िल्मों जैसा एक्सपेरिमेंट किया तो नाकामयाब रहे। सूरज कहते हैं कि, 'हमलोगों को कई बार ऐसा लगा कि कुछ बदलें, कुछ अलग करें, लेकिन कभी भी ऑडियंस ने हमें वो करने दिया नहीं। ये ऑडियंस का बड़प्पन है। कितनी ऐसी फिल्में मैंने बनाई- मैं प्रेम की दीवानी हूं, जब लोगों ने देखी, बेस्ट से बेस्ट स्टार कास्ट थे मेरे पास, बेस्ट बजट था, बेस्ट से बेस्ट लोकेशन थे, बेस्ट गीत थे। ऋतिक-अभिषेक का पहला कॉम्बिनेशन था। लेकिन जब मैंने देखा पहले दिन ऑडियंस बाहर आए तो कहा कि ये सूरज बड़जात्या की पिक्चर नहीं लगती है। हम जब भटकने लगे ऑडियंस ने हमें वापस लाकर लाइन में खड़ा किया क्योंकि वो हमसे यही चाहते हैं और हमें बनाना भी यही आता है।"
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