2 करोड़ 63 लाख से ज्यादा की ई-सिगरेट जप्त, नेपाल के रास्ते चीन से हो रही तस्करी, रेल सुरक्षा बल, पुलिस और कस्टम का चला संयुक्त अभियान

E-cigarettes worth more than 2 crore 63 lakh seized, being smuggled from China via Nepal, joint operation conducted by Railway Protection Force, Police and Customs

2 करोड़ 63 लाख से ज्यादा की ई-सिगरेट जप्त, नेपाल के रास्ते चीन से हो रही तस्करी, रेल सुरक्षा बल, पुलिस और कस्टम का चला संयुक्त अभियान

बिलासपुर : पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में एक बड़ी कामयाबी मिली जब रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) और कस्टम विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त अभियान में 2 करोड़ 63 लाख रुपये से ज्यादा की ई-सिगरेटको जब्त किया. यह कार्रवाई रविवार की सुबह रक्सौल स्टेशन पर सत्याग्रह एक्सप्रेस (गाड़ी नम्बर 15273) की जांच के दौरान की गई.
रक्सौल स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 1 पर खड़ी सत्याग्रह एक्सप्रेस के एसएलआर कोच की जांच के दौरान अधिकारियों ने संदिग्ध आठ पैकेटों को देखा. जब इन्हें जांच के लिए उतारकर जीआरपी थाना रक्सौल लाया गया और खोला गया. तो उसमें 6598 ई-सिगरेट मिले. ये प्रतिबंधित ई-सिगरेट विदेशी थे. जो नेपाल से लाए गए थे. जप्त की गई सामग्री का कुल मूल्य 2,63,02,600 रुपये आंका गया है.
विदेशी मूल के इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट को ट्रेन से दिल्ली भेजने की तैयारी थी. लेकिन सीमा शुल्क की टीम ने बॉर्डर पुलिस की मदद से इसे जब्त कर लिया. लेकिन तस्कर वहां से भागने में कामयाब रहे.
सीमा शुल्क (निवारण) पटना के आयुक्त डॉ यशोवर्धन पाठक ने जानकारी दी कि आईसीपी चेक पोस्ट और निवारण रक्सौल के अधिकारियों को खबर मिली कि भारी तादाद में विदेशी ई सिगरेट चीन से नेपाल के रास्ते रक्सौल भेजा जा रहा है. रविवार की सुबह 8:40 बजे रक्सौल से दिल्ली जाने वाली ट्रेन नम्बर 15273 सत्याग्रह एक्सप्रेस के लगेजयान से दिल्ली भेजने की तैयारी है. जिसके बाद टीम बना कर चेकिंग लगाई गई और इसको जब्त किया गया.
आयुक्त डॉ यशोवर्धन पाठक ने बताया कि ई सिगरेट की इससे बड़ी जब्ती अभी तक नहीं हुई थी. यह भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित है जो चीन से भारत तस्करी कर लाया जा रहा था. कुल 6,598 पीस ई सिगरेट जब्त किए गए हैं. जो चीन में बनी है. जब्त किए गए सिगरेट का मूल्य करीब 2 करोड़ 75 रुपए है. जब्ती के समय कुछ असामाजिक तत्वों ने जब्ती की कार्रवाई में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की थी. लेकिन बाद में वहां से फरार हो गए.
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है. यह कहां से लाया जा रहा था. कहां भेजा जाना था. इस काम में कौन कौन शामिल है वो किस देश के हैं. कस्‍टम, आरपीएफ और जीआरपी इसे भेजने वाले व्‍यक्ति की तलाश में जुट गए हैं.
यह जब्ती इस बात का सबूत है कि सीमा क्षेत्रों में तस्करी गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार एलर्ट हैं. रक्सौल, जो नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है. तस्करी के लिए संवेदनशील है. इस तरह के संयुक्त अभियान से तस्करी पर प्रभावी रुप से रोक लगाया जा सकता है.
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