भाजपा मंडल मंत्री-सरपंच पति समेत 5 गिरफ्तार, आधी रात फिंगेश्वर पुलिस की कार्रवाई से जिले में हड़कंप, नाम सामने आते ही मची हलचल

Five people, including the BJP Mandal minister and the Sarpanch's husband, were arrested. The district was shaken by the midnight action of the Fingeshwar police, and the names were revealed.

भाजपा मंडल मंत्री-सरपंच पति समेत 5 गिरफ्तार, आधी रात फिंगेश्वर पुलिस की कार्रवाई से जिले में हड़कंप, नाम सामने आते ही मची हलचल

गरियाबंद/फिंगेश्वर : राजनीतिक पद, सामाजिक रसूख और जनप्रतिनिधि होने का दावा… लेकिन हकीकत में आधी रात अवैध महुआ शराब की तस्करी! फिंगेश्वर पुलिस की देर रात की कार्रवाई ने न सिर्फ अवैध शराब के नेटवर्क को बेनकाब किया. बल्कि जिले की राजनीति पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. छुरा रोड पर की गई इस सनसनीखेज कार्रवाई में भाजपा मंडल कोपरा के मंत्री और ग्राम सहसपुर के सरपंच पति, पूर्व जनपद सभापति समेत कुल पांच आरोपियों को भारी तादाद में कच्ची महुआ शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की रात फिंगेश्वर थाना पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से खबर मिली कि कुछ प्रभावशाली लोग सफेद रंग की चारपहिया सुमो गोल्ड वाहन में भारी तादाद में कच्ची महुआ शराब भरकर छुरा रोड से होते हुए ग्राम छुईया की ओर ले जा रहे हैं. 
इस खबर के मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम अलर्ट मोड में आ गई. फौरन ग्राम जमाही के शिव मंदिर के सामने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर दी गई. और आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की सघन जांच शुरु कर दी गई.
कुछ ही देर में मुखबिर के बताए हुलिए की सुमो गोल्ड नम्बर CG04 KP 7736 पुलिस के जाल में फंस गई. वाहन को रोककर जब तलाशी ली गई. तो पीछे रखी दो बड़ी प्लास्टिक जरकीन ने पुलिस को चौंका दिया. 35–35 लीटर क्षमता वाली इन जरकीनों में कच्ची महुआ शराब भरी हुई थी. मौके पर ही अवैध शराब को जब्त कर वाहन सीज कर दिया गया.
पुलिस पूछताछ में चालक ने अपना नाम खिलेश साहू पिता परसराम साहू उम्र 30 साल बताया. वाहन में सवार अन्य लोगों की पहचान घनाराम साहू उम्र 32 साल, नरसुराम ध्रुव उमे 44 साल, त्रिलोकी वर्मा उम्र 28 साल और डिगेश साहू उम्र 31 साल के रुप में हुई.
नरसुराम ध्रुव का नाम सामने आते ही मामला और भी गंभीर हो गया. क्योंकि वह भाजपा मंडल कोपरा के मंत्री बताए जा रहे हैं और ग्राम सहसपुर के सरपंच के पति भी हैं. वहीं आरोपियों में पूर्व जनपद सभापति की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी.
कड़ी पूछताछ में सभी आरोपियों ने अवैध तरीके से कच्ची महुआ शराब का परिवहन करना कबूल किया. पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पांचों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया. शनिवार को सभी को अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है? ग्रामीण इलाकों में महुआ शराब से हो रही मौतें, अपराध और सामाजिक बुराइयों के बीच जब रसूखदार नाम इस धंधे में सामने आते हैं. तो प्रशासन और राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी उंगलियां उठना लाजमी है.
फिंगेश्वर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है. अवैध शराब के स्रोत, सप्लाई चैन और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून के आगे न पद चलेगा, न रसूख — अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
इस धमाकेदार कार्रवाई के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है. और लोग यह देखने को उत्सुक हैं कि आगे जांच में और कौन-कौन से नाम बेनकाब होते हैं.
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