मेले में बड़ा हादसा, टूटकर निचे गिराआकाश झूला, मची अफरा-तफरी, दो महिला समेत 6 लोग घायल, 2 की हालत नाजुक, इलाज के लिए रेफर

Major accident at fair: Sky swing collapses, causing chaos; six people, including two women, injured; two critical, referred for treatment

मेले में बड़ा हादसा, टूटकर निचे गिराआकाश झूला, मची अफरा-तफरी, दो महिला समेत 6 लोग घायल, 2 की हालत नाजुक, इलाज के लिए रेफर

जांजगीर-चांपा : शिवरीनारायण में आयोजित प्रसिद्ध मेले में मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई. जब नगर पंचायत कार्यालय के सामने लगे आकाश झूले में बड़ा हादसा हो गया. यह घटना करीब शाम 4 बजे की बताई जा रही है. नगर पंचायत के सामने उमेश गुप्ता द्वारा संचालित आकाश झूला अचानक टूटकर नीचे गिर गया. जिसकी चपेट में आकर दो युवतियां गंभीर रुप से घायल हो गईं. कुल 6 लोगों को चोटें आई हैं. गंभीर रूप से घायल दोनों युवतियों की हालत नाजुक बनी हुई है.
मिली जानकारी के मुताबिक जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मल्दा निवासी दो युवतियां मेला देखने पहुंची थीं. दोनों युवतियां मिला ग्राउंड में झूले के नीचे खड़ी थीं. तभी अचानक आकाश झूले का एक हिस्सा टूटकर उनके ऊपर आ गिरा. हादसा इतना अचानक था कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते. उससे पहले ही दोनों युवतियां झूले के नीचे दब गईं.
हादसे के बाद मेले में भारी भीड़ जमा थी. जिससे वहां भगदड़ जैसी हालत बन गई. चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच लोगों ने किसी तरह घायल युवतियों को बाहर निकाला और फौरन एंबुलेंस की मदद से शिवरीनारायण के शबरी अस्पताल पहुंचाया गया. घायल युवतियों की पहचान चंद्रकांत कश्यप उम्र 15 साल और भूमिका कश्यप उम्र 21साल, दोनों निवासी ग्राम मालदा के रुप में हुई है.
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक चंद्रकांत कश्यप को गंभीर चोटें आई हैं. जबकि भूमिका कश्यप की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है. हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने भूमिका कश्यप को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया है.
इस हादसे के बाद मेले में लगे झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेले में लगाए गए झूले और ‘मौत का कुआं’ जैसे खतरनाक मनोरंजन साधनों की जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती है. जांच के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी मौके पर औपचारिक निरीक्षण कर खानापूर्ति कर लेते हैं. जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं.
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी कहना है कि झूला संचालकों से कथित तौर पर मोटी रकम लेकर बिना समुचित तकनीकी जांच किए उन्हें संचालन की अनुमति दे दी जाती है. अगर समय रहते झूले की सही जांच की जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था.
इस पूरे मामले में नगर पंचायत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा मेले में लगाए गए झूलों और अन्य साधनों की सुरक्षा जांच को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत सिर्फ राजस्व वसूली तक सीमित रहती है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है. हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.
फिलहाल प्रशासन की तरफ से मामले की जांच के निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है. लेकिन यह देखना अहम होगा कि क्या इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर मामला जांच और आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB