CG गर्वमेंट लिखी गाड़ी से गैंगरेप, 2 गाड़ियां जब्त, सांसद के पूर्व पीए को ले जाकर 3 रेस्ट हाउस में क्राइम सीन रिक्रिएट, 7 आरोपियों में रिटायर्ड अफसर शामिल
Gang rape in a vehicle marked "CG Government," two vehicles seized, the MP's former PA taken to three rest houses to recreate the crime scene, a retired officer among the seven accused.
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में PWD विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर नाबालिग से गैंगरेप मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जांच में पता चला कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए सरकारी कार्य में लगी गाड़ियों का इस्तेमाल किया था. पुलिस ने दोनों गाड़ियों को जब्त कर लिया है. इनमें से एक गाड़ी पर ‘ऑन ड्यूटी सीजी गवर्नमेंट’ लिखा हुआ है.
पुलिस ने आरोपी भीम नारायण पांडेय (बीएन पांडेय) और संजय पंडित को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की. इस दौरान दोनों को दुर्ग रेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, उतई रेस्ट हाउस समेत अन्य स्थानों पर ले जाकर जांच कराई गई. पुलिस ने घटनास्थलों की वीडियोग्राफी कराई और कई अहम सबूत जुटाए. पुलिस रिमांड के दौरान घटना में इस्तेमाल गाड़ियां और मोबाइल भी जब्त किए गए. रिमांड पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को जूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है.
13 फरवरी को कोर्ट में किया था सरेंडर
इस मामले में फरार आरोपी बीएन पांडे और संजय पंडित ने 13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर किया था. कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर 2 दिन की रिमांड पर लिया. पूछताछ के दौरान आरोपी भीमनारायण पांडे की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल कार नम्बर CG-07-AU-352 जब्त की गई. आरोपी संजय पंडित से पूछताछ में घटना में उपयोग किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए गए. इसके साथ ही उसकी निशानदेही पर एक अन्य इंडिगो कार नम्बर CG-07-AT-7047) भी जब्त की गई.
क्राइम सीन की वीडियोग्राफी कराई गई
पुलिस ने आरोपियों के बताए अनुसार दुर्ग रेस्ट हाउस, उतई रेस्ट हाउस सहित अन्य संबंधित स्थानों का फिर से निरीक्षण कराया. इस दौरान गवाहों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई और कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई.
15 फरवरी को केंद्रीय जेल भेजा गया
दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को 15 फरवरी को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल दाखिल कराया गया। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
गिरफ्तार आरोपियों में विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी, कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप, अमित वर्मा, भीमनारायण पांडे और संजय पंडित शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। मामले की जांच लगातार जारी है.
7 सालों तक रेप हुआ
बता दें कि गैंगरेप की पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दी थी। नाबालिग से 7 सालों तक गैंगरेप हुआ है. पीड़िता के आरोप के मुताबिक, आरोपियों में PWD विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी, BJP सांसद का पूर्व पीए शामिल है.
मां काम पर जाती थी तो करते थे दुष्कर्म
साल 2018 से यह सिलसिला शुरू हुआ। जब 14 साल की नाबालिग अपनी मां के साथ अप्रैल 2018 में बिलासपुर से दुर्ग पहुंची. उसके किसी रिश्तेदार ने नौकरी के लिए गोविंद सिंह ठाकुर से मुलाकात करवाई थी. गोविंद सिंह पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ था.
आरोपी गोविंद ने दुर्ग के सिविल लाइन क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी के क्वार्टर में मां-बेटी को ठहरवाया और मां को झाड़ू-पोछा का काम दिलवा दिया। जब पीड़िता की मां काम पर जाती थी, तब वह अकेली रहती थी.
इसी दौरान अप्रैल 2018 के अंतिम सप्ताह में गोविंद ठाकुर और विभाग के ही एक कर्मचारी राजू कश्यप ने क्वार्टर में नाबालिग से बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद उसे धमकाया गया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे दुर्ग से भगा दिया जाएगा.
लॉकडाउन के समय बिलासपुर लौट गई थी दोनों
साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने पर मां-बेटी से क्वार्टर खाली करवा दिया गया. इसके करीब 6 महीने बाद वे दुर्ग लौटे और किसी अन्य क्षेत्र में रहने लगे. धीरे-धीरे इस सदमे से बाहर निकलने लगी थी और 2022-23 में नाबालिग ने पढ़ाई भी शुरू कर दी थी.
जुलाई 2023 में राजू कश्यप ने उसे फोन कर नौकरी का ऑफर दिया और पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस बुलाया. पीड़िता की रिपोर्ट के मुताबिक बीएन पांडेय, जो कि दुर्ग सांसद विजय बघेल के पूर्व पीए रहे हैं. उसने नौकरी दिलाने में मदद की.
पांडेय ने पीडबल्यूडी में फोन कर अफसरों को निर्देशित किया था. रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में हर जगह प्रभाव जमाया. नौकरी की वजह से पीड़िता दबाव में थी. अब आरोपी उससे वाट्सऐप पर न्यूड वीडियो मंगवाने लगे। स्टाफ ग्रुप में वीडियो वायरल करने की धमकी देते लगे. इस तरह से लड़की को लंबे समय तक डर में रखा.
इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर उसे बुलाकर कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया. इस दौरान भी फोटो-वीडियो बनाए गए. हालांकि दुर्ग सांसद विजय बघेल ने बीएन पांडेय के उनके PA होने से इंकार किया है. उन्होंने कहा है कि वह निज सहायक पद पर नहीं था। डिपार्टमेंटल अटैच में काम कर रहा था.
नौकरी लगने के बाद हर छुट्टी के दिन दुष्कर्म
पीडब्ल्यूडी में संविदा नौकरी लगवाने के बाद हर छुट्टियों के दिन नाबालिग को बुलाकर शोषण किया जाता रहा. इतना ही नहीं आरोपी व्हाट्सऐप कॉल के जरिए न्यूड फोटो और वीडियो की मांग करते थे. मना करने पर परिवार को बताने की धमकी देते थे.
इसके बाद 2024 में कारोबारी अनिल चौधरी के घर पर बुलाकर फिर से सामूहिक दुष्कर्म किया. अगस्त 2024 को उसे कवर्धा ले जाया गया और वहां रेस्ट हाउस में भी गैंगरेप हुआ और इसके बाद पाटन के रेस्ट हाउस में भी रेप किया गया.
पीछा छोड़ने के नाम पर भी किया रेप
अक्टूबर 2025 में कारोबारी विजय स्वाइन अग्रवाल ने नाबालिग को इंदिरा मार्केट स्थित एक होटल में मिलने बुलाया. पीड़िता ने मना किया, लेकिन दबाव बनाया गया. आरोपी ने कहा कि अंतिम बार वो उससे मिल लेगी तो उसका पीछा छोड़ देंगे.
11 अक्टूबर 2025 को उसी होटल में उसे बुलाकर नाबालिग से फिर दुष्कर्म किया गया. नाबालिग से हैवानियत का सिलसिला इसके बाद भी जारी रहा.
मंगेतर को बताई आपबीती, उसने दी हिम्मत
इस दौरान पीड़िता की शादी तय हुई। इसमें भी आरोपियों ने रुकावटें बनानी शुरु कर दी. शादी तुड़वाने तक की कोशिश की गई. शरीर पर दांत से काटने के निशान बनाए गए. पीड़िता ने जैसे-तैसे अपनी सारी आपबीती अपने मंगेतर को बताई. मंगेतर ने उसे हिम्मत दी और इंसाफ के लिए आवाज उठाने को कहा. इसके बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
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