पांचवीं बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की जगह स्वीपर लिख रहा आंसर पेपर, केंद्राध्यक्ष और प्रधान पाठक अपनी नाकामी छुपाने चला रहे नकल का खेल

In the fifth board exam, the sweeper is writing the answer paper instead of the candidates, the centre head and the principal are playing the game of cheating to hide their failure

पांचवीं बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की जगह स्वीपर लिख रहा आंसर पेपर, केंद्राध्यक्ष और प्रधान पाठक अपनी नाकामी छुपाने चला रहे नकल का खेल

सरगुजा/लखनपुर : सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के प्राथमिक शाला सुगाआमा में 24 मार्च दिन सोमवार को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हिंदी परीक्षा आयोजित हुई. पांचवीं बोर्ड परीक्षा में दो ही परीक्षार्थी परीक्षा पर बैठे। लेकिन उन पर साथियों की जगह अंशकालीन स्वीपर के द्वारा परीक्षा लिखा जा रहा था. जो कि काफी शर्मनाक बात है. केंद्राध्यक्ष और प्रधान पाठक अपनी नाकामी छुपाने और उनकी अनुमति से परीक्षार्थियों की जगह अंशकालीन स्वीपर परीक्षा लिखते नजर आया.
जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे तो केंद्रअध्यक्ष और प्रधान पाठक के द्वारा मोबाइल छीनने का प्रयास कर कैमरा बंद करने को कहा गया. तब तक नकल यह खेल मोबाइल के कैमरे में कैद हो चुका था. पूरा मामला लखनपुर विकासखंड के ग्राम तिरकेला के आश्रित ग्राम सुगाआमा शासकीय प्राथमिक शाला का है.
शासन के द्वारा केंद्राध्यक्ष के रुप में नरेश कुमार ठाकुर को शासकीय प्राथमिक शाला सुगाआमा में बोर्ड परीक्षा के लिए नियुक्त किया गया है. 24 मार्च दिन सोमवार को पांचवी बोर्ड परीक्षा में हिंदी विषय का परीक्षा लिया गया. परीक्षा केंद्र के केंद्राअध्यक्ष नरेश कुमार और प्रधान पाठक सलक राम मिंज अपनी नाकामी छुपाने और उनकी अनुमति से स्वीपर मनीष मिंज के द्वारा दोनों ही परीक्षार्थियों का परीक्षा लिखा जा रहा था. जब मीडिया के लोग मौके पर पहुंचे तो मोबाइल छीनने का प्रयास कर कैमरा बंद करने के लिए कहा गया.
केंद्राध्यक्ष के कहने पर परीक्षा लिख रहा अंशकालीन स्वीपर उठकर वहां से अंदर के कमरे में चला गया. फिर उसे स्कूल से बाहर निकाल दिया गया. जब इस बारे में मीडिया कर्मी ने केंद्र अध्यक्ष से कुछ जानना चाहा तो उनके द्वारा कुछ भी बताने से इंकार कर दिया गया.
अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षकों के द्वारा विद्यालयों में बच्चों को किस तरह की शिक्षा दी जाती है. हिंदी विषय में जब खुलेआम स्वीपर के द्वारा परीक्षार्थियों का पेपर लिखा जा रहा है तो अन्य विषयों में परीक्षार्थियों की जगह कौन परीक्षा में लिखना चाहेगा. आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है. अगर शिक्षकों के द्वारा बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जाए तो यह नौबत ही नहीं आती. लेकिन अपनी नाकामी छुपाने और अधिकारियों से वाहवाही पाने इस तरह के हथकंडे शिक्षक अपनाते हुए धड़ल्ले से खुलेआम नकल करा रहे हैं.
इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि मुझे मिडिया के जरिए जानकारी मिली है वीडियो के मुताबिक बीईओ से जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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