नियमितीकरण, ग्रेड-पे, 27% संविदा वेतन-वृद्धि समेत लंबित मांगों को लेकर NHM महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाजपा सांसद को सौंपा ज्ञापन

NHM women contract health workers submitted memorandum to BJP MP regarding pending demands including regularization grade pay 27 contract salary increase

नियमितीकरण, ग्रेड-पे, 27% संविदा वेतन-वृद्धि समेत लंबित मांगों को लेकर NHM महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाजपा सांसद को सौंपा ज्ञापन

रायगढ़ : प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित कुमार मिरी के निर्देशन में जिला अध्यक्ष शकुंतला एक्का के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ घरघोड़ा के महिला नेतृत्व ने छर्राटांगर में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया को लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपा. फौरन निराकरण की मांग की.
उन्होंने कहा कि गांव/विकासखंड/जिले में कार्यरत एन.एच.एम. कर्मचारी अपने परिवार सहित लगातार 24 घंटे सेवा प्रदान करते आ रहे हैं. लेकिन इनकी परेशानियों को सुनने वाला कोई नहीं है. इसलिए इन्होंने सांसद से मुलाकात कर अपनी परेशानियों को बताया.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी बहुत लंबे समय से लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं. एन.एच.एम. के ग्रेड-पे निर्धारण और लंबित 27% वेतन वृद्धि सहित 18 सूत्रीय मांगों के लिए इस साल जुलाई में दो दिन का ध्यान-आकर्षण प्रदर्शन किया गया था. साथ ही मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य-मंत्री सहित कई मंत्रियों से भी लगातार  भेंट कर अपना ज्ञापन दिया था.
एन.एच.एम. कर्मचारी लंबे समय से आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ केंद्र, जिला अस्पताल समेत सुदूर वनांचल क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवा देते आ रहे हैं. 19 जुलाई 2023 को विधानसभा में घोषित 27% संविदा वेतन-वृद्धि सभी सह 37,000 संविदा कर्मचारियों को एकमुश्त वृद्धि की घोषणा थी. जो आज तक एन.एच.एम. संविदा कर्मचारियों को नहीं मिली है. उक्त वेतन वृद्धि का लाभ स्वच्छता मिशन, मनरेगा, समग्र शिक्षा विभाग को मिल गया है.
वर्तमान में कार्यस्थल में काम की अधिकता और हो रहे शोषण से भी सभी एन.एच.एम.संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में रोष व्याप्त हैं. सरकार बनने के 100 दिन में उक्त संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं को हल करने और नियतिकरण/स्थाईकरण/संविलियन की बात कही गई थी. सरकार बने 1 साल से भी ज्यादा समय हो गया है. लेकिन समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है.
स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग में कार्यरत सभी एनएचएम कर्मचारी राष्ट्रीय और राज्य गुणवत्तापूर्ण कार्य जैसे एन. क्यू.ए.एस. और कायाकल्प में राज्य का मान बढ़ा रहे हैं. कई बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू, उल्टी-दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों, आयुष्मान कार्ड बनाना, सिकल-सेल स्क्रीनिंग, टीकाकरण कार्य, हेल्थ मेला में आयोजन, गांव में ओपीडी संचालन, प्रसव पूर्व जांच, प्रसव काउंसलिंग आदि लगातार 24 घंटे काम कर रहे हैं.
उनका कहना है कि शासन के सभी काम लगातार समय-सीमा में संपादित करने के बावजूद सरकार हमें 27% वेतन-वृद्धि नहीं दे रही है. और हमारी 18 सूत्रीय मांगों पर कोई पहल सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है. जिससे दोनों दिन कर्मचारी में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
सांसद को ज्ञापन देने में बड़ी तादाद में महिला कर्मचारियों की भी भागीदारी रही. जो अपने बच्चों के साथ मौजूद रही और उन्होंने एक स्वर में अपने लंबित मांगों के जल्द निराकरण की बात कही.
ज्ञापन में डॉक्टर कामिनी गुप्ता, मंजूलता कुजूर, पंखोजनी गुप्ता, पूनम तिर्की, मनीषा साहू, चंद्रभान सिदार, सरिता सिदार, रोहित कुमार साहू, शकुंतला यादव, ऋचा सिदार, उर्वशी सिदार, समरेश नंदे, विनीता नायक, सुनीत कुजूर, गीता तिर्की, चूड़ामणि पटेल और अन्य साथी मौजूद रहे.
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