कांग्रेस नेता की जेल में मौत से गरमाई सियासत, परिजनों ने ट्रांसफर और इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग
The death of a Congress leader in jail has sparked a political storm, with family members making serious allegations of negligence in his transfer and treatment, and demanding a high-level inquiry.
रायपुर : रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई. जिससे राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि वन अधिकार पट्टा घोटाले के मामले में सजा काट रहे जीवन ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली.
जेल प्रशासन के मुताबिक जीवन ठाकुर की तबीयत अचानक खराब हुई और सारी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उन्हें फौरन अस्पताल शिफ्ट किया गया. लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. वहीं परिवारजन इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि पहले से बीमार होने के बावजूद उन्हें बिना जानकारी कांकेर से रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया.
परिजनों का कहना है कि अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में बंद जीवन ठाकुर को 2 दिसंबर को रायपुर सेंट्रल जेल लाया गया. जबकि उनकी सेहत ठीक नहीं थी और समय पर बेहतर इलाज नहीं मिला. यही वजह है कि परिजन जेल प्रबंधन पर लापरवाही और जानकारी छुपाने के आरोप लगा रहे हैं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.
घोटाले के मामले में पहले ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज थे. अब जेल में मौत के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच नई सियासी जंग छिड़ने के आसार दिख रहे हैं. विपक्ष जहां इस घटना को जेल सिस्टम की नाकामी बता सकता है. वहीं कांग्रेस नेता इसे राजनीतिक टारगेटिंग और केसों के बहाने की जा रही सख्ती से जोड़कर सवाल उठा सकते हैं.
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