जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, बच्चे को जन्म देने के बाद बिगड़ी तबीयत, परिजनों ने गलत इंजेक्शन का लगाया आरोप, जांच की मांग

Woman dies after delivery at district hospital; condition deteriorated after giving birth; family alleges administration of wrong injection and demands an inquiry.

जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, बच्चे को जन्म देने के बाद बिगड़ी तबीयत, परिजनों ने गलत इंजेक्शन का लगाया आरोप, जांच की मांग

जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ जांजगीर-चांपा के जिला अस्पताल में प्रसव के बाद 19 साल की महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. महिला ने एक बेटे को जन्म दिया था. परिजनों ने इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है. परिजनों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और नवजात की देखभाल के लिए मुआवजे की मांग की है. मृतका की पहचान अफरीद निवासी सरिता गांधव के रूप में हुई है.
परिजनों के मुताबिक सरिता को प्रसव के लिए 24 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां उसकी सामान्य डिलीवरी हुई और उसने बेटे को जन्म दिया. पति का कहना है कि डिलीवरी के बाद करीब 24 घंटे तक सरिता की हालत ठीक थी.
परिजनों के मुताबिक 25 सितंबर की शाम 4 बजे सरिता को अचानक तेज दर्द होने लगा और वह परेशान होने लगी. नर्स को जानकारी देने के बाद भी फौरन ध्यान नहीं दिया. परिजनों के दबाव के बाद डॉक्टर और नर्स पहुंचे और इलाज शुरु किया.
परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद सरिता की हालत और बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई. इसके बाद उसे ICU में भर्ती किया गया. 27 और 28 सितंबर की दरमियानी रात करीब 2 बजे सरिता की मौत हो गई.
परिजनों का आरोप: गलत इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन दिए जाने के बाद सरिता की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई. उन्होंने संबंधित डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही नवजात बच्चे की परवरिश के लिए मुआवजा देने की मांग भी की है.
अस्पताल प्रबंधन का कहना- भर्ती के समय ही हालत गंभीर थी
अस्पताल के सिविल सर्जन के मुताबिक सरिता 19 साल की गर्भवती महिला थी और उसकी हालत नाजुक होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक भर्ती के समय ही उसके दोनों पैरों में सूजन थी और ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था. हीमोग्लोबिन भी काफी कम था.
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक डॉक्टरों ने भर्ती के समय ही परिजनों को महिला की नाजुक हालत के बारे में बताया था और बेहतर इलाज के लिए उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी. इलाज के दौरान महिला को ब्लड, FFP, प्लेटलेट्स और वेंटिलेटर सपोर्ट समेत जरूरी इलाज दिया गया. इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगी मौत की वजह
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला की मौत का असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी. फिलहाल गलत इंजेक्शन लगाने या इलाज में लापरवाही के परिजनों के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है.
इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और पूरे मामले की जांच के बाद ही पता चलेगा कि इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही या गलती हुई थी या नहीं.. परिजनों ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन दिया है.
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