डीएससी एक्सपायर, पटवारियों के चक्कर काट रहे किसान

छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 15 मार्च। महासमुंद अनुविभाग के पटवारियों का डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) एक्सपायर हो जाने के कारण करीब पखवाड़े भर से राजस्व विभाग का मैदानी कामकाज ठप सा पड़ गया है। खरीफ फसल की तैयारी में जुटे किसान विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों के लिए पटवारियों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं जमीन के दस्तावेज नहीं मिलने के कारण जमीनों की रजिस्ट्री पखवाड़े भर से प्रभावित हैं। जबकि अभी वित्तीय वर्ष का अंतिम माह चल रहा है और सभी अपने-अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिये जद्दोजहद कर रहे हैं। इस संबंध में उप पंजीयक वंशपति सिंह ने बताया कि डीएससी एक्सपायर होने से जमीनों की खरीदी-बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। प्रतिदिन 25-30 रजिस्ट्री हो रही है। बीते सप्ताह-दो सप्ताह से अंचल में किसान अपनी खरीफ फसल की तैयारी में जुटे हैं। कृषकों को बी 1, बी 2 आदि जमीन के दस्तावेज नहीं मिलने से रजिस्ट्री अटकी है। केसीसी ऋण के लिये उसे बी1, बी2, खसरा, नक्शा की जरूरत पड़ती है। इसी तरह बिजली के स्थाई और अस्थाई कनेक्शन के लिये भी ऐसे दस्तावेजों की जरूरत होती है। कई इसी तरह जमीन की खरीदी बिक्री के लिये भी ये दस्तावेज जरूरी होते हैं। इनके बिना जमीनों की खरीदी-बिक्री नहीं होती। लेकिन यह बड़ा आश्चर्यजनक है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम माह में जब सभी विभाग शासन से प्रदत अपने-अपने लक्ष्य को पूरा करने की जद्दोजहद में लगे हुये हैं। ऐसे में महासमुंद अनुविभाग के 52 में 30 पटवारियों का डीएससी डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र ध्यान नहीं दिये जाने से 4 मार्च को ही एक्सपायर हो गया। हद तो तब हो गई, जब इसका रिनीवल आज तक नहीं कराया जा सका। पूरे 10 दिन तक इसका रिनीवल कराने में किसी ने रूचि नहीं ली। आखिरकार इस लापरवाही का खामियाजा किसानों और जमीन की खरीदी-बिक्री करने वाले जरूरतमंदों को भुगतना पड़ रहा है। बताया गया है कि पटवारी पहले दिन से ही उच्चाधिकारियों को सूचित करने लगे थे। ज्ञात हो कि कल ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीसी के जरिये कलेक्टर, एसपी कांफ्रेंस में तीखे तेवरों के नट साथ कहा कि जब हम जनप्रतिनिधि 24 बाई 7 घंटे काम कर सकते हैं तो आप लोग 5 दिन ईमानदारी से काम क्यों नहीं कर नहीं सकते। यह भी कहा कि कलेक्टर से लेकर पटवारी तक सभी जनता की सेवा में तत्पर रहे।

डीएससी एक्सपायर, पटवारियों के चक्कर काट रहे किसान
छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 15 मार्च। महासमुंद अनुविभाग के पटवारियों का डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) एक्सपायर हो जाने के कारण करीब पखवाड़े भर से राजस्व विभाग का मैदानी कामकाज ठप सा पड़ गया है। खरीफ फसल की तैयारी में जुटे किसान विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों के लिए पटवारियों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं जमीन के दस्तावेज नहीं मिलने के कारण जमीनों की रजिस्ट्री पखवाड़े भर से प्रभावित हैं। जबकि अभी वित्तीय वर्ष का अंतिम माह चल रहा है और सभी अपने-अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिये जद्दोजहद कर रहे हैं। इस संबंध में उप पंजीयक वंशपति सिंह ने बताया कि डीएससी एक्सपायर होने से जमीनों की खरीदी-बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। प्रतिदिन 25-30 रजिस्ट्री हो रही है। बीते सप्ताह-दो सप्ताह से अंचल में किसान अपनी खरीफ फसल की तैयारी में जुटे हैं। कृषकों को बी 1, बी 2 आदि जमीन के दस्तावेज नहीं मिलने से रजिस्ट्री अटकी है। केसीसी ऋण के लिये उसे बी1, बी2, खसरा, नक्शा की जरूरत पड़ती है। इसी तरह बिजली के स्थाई और अस्थाई कनेक्शन के लिये भी ऐसे दस्तावेजों की जरूरत होती है। कई इसी तरह जमीन की खरीदी बिक्री के लिये भी ये दस्तावेज जरूरी होते हैं। इनके बिना जमीनों की खरीदी-बिक्री नहीं होती। लेकिन यह बड़ा आश्चर्यजनक है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम माह में जब सभी विभाग शासन से प्रदत अपने-अपने लक्ष्य को पूरा करने की जद्दोजहद में लगे हुये हैं। ऐसे में महासमुंद अनुविभाग के 52 में 30 पटवारियों का डीएससी डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र ध्यान नहीं दिये जाने से 4 मार्च को ही एक्सपायर हो गया। हद तो तब हो गई, जब इसका रिनीवल आज तक नहीं कराया जा सका। पूरे 10 दिन तक इसका रिनीवल कराने में किसी ने रूचि नहीं ली। आखिरकार इस लापरवाही का खामियाजा किसानों और जमीन की खरीदी-बिक्री करने वाले जरूरतमंदों को भुगतना पड़ रहा है। बताया गया है कि पटवारी पहले दिन से ही उच्चाधिकारियों को सूचित करने लगे थे। ज्ञात हो कि कल ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीसी के जरिये कलेक्टर, एसपी कांफ्रेंस में तीखे तेवरों के नट साथ कहा कि जब हम जनप्रतिनिधि 24 बाई 7 घंटे काम कर सकते हैं तो आप लोग 5 दिन ईमानदारी से काम क्यों नहीं कर नहीं सकते। यह भी कहा कि कलेक्टर से लेकर पटवारी तक सभी जनता की सेवा में तत्पर रहे।