केंद्रीय सहकारी बैंक घोटाला में 28 करोड़ की लूट का पर्दाफाश, मैनेजर की पत्नी और ज्वेलर्स समेत अब तक 13 आरोपियों को भेजा गया जेल

28 crore loot exposed in Central Cooperative Bank scam, 13 accused including manager's wife and jewelers sent to jail so far

केंद्रीय सहकारी बैंक घोटाला में 28 करोड़ की लूट का पर्दाफाश, मैनेजर की पत्नी और ज्वेलर्स समेत अब तक 13 आरोपियों को भेजा गया जेल

बलरामपुर : बलरामपुर जिले के कुसमी और शंकरगढ़ के केंद्रीय सहकारी बैंक में करीब 23 करोड़ रुपए के गबन के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एक हफ्ता पहले पुलिस ने मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. अब आरोपियों की तादाद बढ़कर 13 हो गई है.
इस पूरे मामले में बैंक मैनेजर समेत बैंक के अन्य कर्मचारी शामिल थे. जिन्होंने फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खोलकर करीब 23 करोड़ रुपए का गबन किया था और इस मामले में शाखा प्रबंधक की रिपोर्ट पर पुलिस की टीम ने जुर्म दर्ज करते हुए 11 आरोपियों को एक साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को एक हफ्ते के रिमांड पर लिया था. उसके बाद पूछताछ में दो आरोपियों की तादाद बढ़ गई है.
इसमें बैंक मैनेजर की पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जिसके पास से करीब डेढ़ करोड़ रुपए के अवैध संपत्ति के कागजात और करीब 60 लाख रुपए के जेवरात बरामद किए गए हैं. जिस आरोपी की पुलिस ने गिरफ्तारी की है. उसकी अंबिकापुर में ज्वेलरी की दुकान है और मुख्य आरोपी अशोक सोनी ने इसके ज्वेलरी दुकान में करीब एक करोड़ 82 लाख रुपए का अपने खाते से ट्रांजैक्शन किया था.
बता दें कि बीते हफ्ते बलरामपुर एसपी वैभव बेंकर ने इस मामले में प्रेस वार्ता कर खुलासा किया कि बलरामपुर केंद्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक अरविंद श्रीवास्तव ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सहकारी बैंक शंकरगढ़ में भारी वित्तीय अनियमितता हुई है.
प्रार्थी ने बताया था कि जनवरी 2025 में नाबार्ड की ओर से भी ई-मेल मिला था. जिसमें सीईओ जनपद पंचायत शंकरगढ़ के शिकायत पत्र का उल्लेख था. जिसमें तीन बैंक अकाउंट में संदिग्ध लेनदेन और बड़ा आर्थिक घोटाला शाखा शंकरगढ़ और कुसमी में होने की बात कही गई थी.
शिकायत के बाद बैंक विभाग की ओर से शाखा कुसमी और शंकरगढ़ के अंतर्गत समितियों के खातों में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए जांच दल गठित की गई थी. हालांकि जांच दल की तरफ से जांच नहीं किए जाने से बैंक के लिए नवीन उपाध्याय एंड एसोसिएट से फ्रेश ऑडिट रिपोर्ट मंगवाई गई. उनसे मिली ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई बैंक खातों में कुल 23 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई है.
अब देखना ये है कि इस ‘घोटाले की चेन’ का आखिरी सिरा कहां जाकर थमता है. और किस-किस की गर्दन इस रकम के दलदल में फंसी हुई है.
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