दूसरी शादी कर सरकारी योजना के हड़पे 32 लाख रुपये, 13 लोगों के खिलाफ FIR, धान खरीदी केंद्र के व्यस्थापक ने अपनी ही पत्नी से किया दुबारा विवाह
32 lakh rupees embezzled from government scheme by second marriage FIR against 13 people paddy procurement center manager remarries his own wife
गरियाबंद/राजिम/छुरा/पाण्डुका : अपनी ही बीबियो से दोबारा शादी कर पैसा हड़पने वाले अंतरजाती विवाह प्रोत्साहन राशि के मामले में शिकायत के बाद अब जिला प्रशासन एफआईआर के मूड में है. 2019 से लेकर 2022 ,23 तक की सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी और उसके बाद मीडिया के द्वारा की गई पड़ताल में जिले के फिंगेश्वर, छुरा गरियाबंद सहित अन्य जिले से अपने ही बीबियो से शादी शुदा बाल बच्चेदार हितग्राहियों ने दोबारा शादी कर करीब ढाई, ढाई लाख रुपए का शासन को चुना लगाया है. जिसमें उन्होंने अपने बच्चों की जन्मतिथि छुपा कर आदिवासी आयुक्त कार्यालय में पदस्थ बाबू के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया गया. साथ ही कुछ हितग्राहियों ने तो दो शादी की है. और दोनो बिबियो को साथ में रखे हैं.
छत्तीसगढ़ में अस्पृश्यता निवारण के लिए संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना में बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है. इस योजना का दुरुपयोग कर 13 व्यक्तियों ने फर्जी तरीके से 2 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि अर्जित की है. इन लोगों ने आर्य समाज मंदिर में फर्जी विवाह दस्तावेज पेश कर योजना का लाभ उठाया. जबकि इनमें से ज्यादातर लोग पहले से ही शादीशुदा थे. इस मामले की जांच के बाद 13 अपात्र लोगों के खिलाफ एफआईआर करने का आदेश अपर कलेक्टर अरविंद पांडेय ने जारी किया है.
अस्पृश्यता निवारण के लिए अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत अस्पृश्यता उन्मूलन की दिशा में गैर अनुसूचित जाति युवक या युवती द्वारा अनुसूचित जाति के युवती या युवक से विवाह कर उठाए गये आदर्श कदम के फलस्वरूप उन्हें पुरस्कृत और सम्मानित करते हुए कुल 2 लाख 50 हजार रुपये (1 लाख की राशि शादी के फौरन बाद उनके खाते में आरटीजीएस या एनईएफटी के जरिए और बाकी 1 लाख 50 हजार रुपये दंपति के संयुक्त नाम व सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के पद के नाम से संयुक्त रूप से राष्ट्रीयकृत बैंक में 3 साल के लिए एचडी रखी जाती है. की राशि प्रोत्साहन स्वरुप दी जाती है. इसी राशि को अर्जित करने के मकसद से इन 13 व्यक्तियों के द्वारा शासन के नियम और निर्देशों के खिलाफ जाकर विवाह किया. इस मामले की शिकायत होने के बाद अपर कलेक्टर ने सहायक आयुक्त गरियाबंद को पूरे मामले की जांच और छानबीन करने के बाद सभी आपत्र व्यक्तियों के खिलाफ 31 अक्टूबर 2024 तक एफआईआर दर्ज कराने का आदेश जारी किया है.
इस तरह जिले में करीब 20 ऐसे हितग्राही है जिन्होंने अपने ही बीवियों से दोबारा आर्य समाज के मंदिर राजिम और रायपुर में शादी कर पैसे निकाले हैं. जिसमे कुछ ग्राम पंचायत के सरपंच सचिवों ने इन्हे नि संतान प्रमाण पत्र भी जारी किया है. बता दें इसकी शिकायत बीते चार छह महीने पहले कलेक्टर गरियाबंद सहित आदिवासी आयुक्त और जन दर्शन में किया गया था. जांच की धीमी गति से यह मामला ठंडा बस्ता में जाते दिख रहा था लेकिन अब शायद इनके ऊपर कारवाई की उम्मीद बढ़ गया है. नियमानुसार इसमें राजस्व की वसूली एवं सजा का प्रावधान है.
इसी के तहत फिंगेश्वर ब्लॉक के एक धान खरीदी केंद्र के व्यवस्थापक ने अपने ही बीवी से दोबारा शादी कर ढाई लाख रुपया हड़पे हैं. आज उनके बच्चे मिडिल वा प्रायमरी क्लास में पढ़ रहे हैं लेकिन वह करीब 3 साल पहले आर्य समाज में शादी कर सारी जानकारी छुपा कर पैसा निकाले थे. ऐसे ही जिले में बहुत से मामले है जिसमें हितग्राहियों के ऊपर तलवार लटक रही है. और उनके खिलाफ कार्रवाई होने की उम्मीद है. साथ ही हितग्राही सहित उस शादी राम घर जोड़े जो मुख्य दलाल और विभाग में पदस्थ उस बाबू और उस संस्था जो बिना कुछ जांच पड़ताल के शादी का प्रमाण पत्र जारी करने वाले के ऊपर भी रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए और राजस्व की वसूली सहित इनको सजा मिलनी चाहिए.
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इन व्यक्तियों के खिलाफ जारी हुआ एफआईआर का आदेश
अमरदास टंडन, पिता हृदय राम टंडन, ग्राम-बकली, पोस्ट परसोदाजोशी, विकासखण्ड फिंगेश्वरं .
टीकम रात्रे पिता रामाधीन रात्रे, ग्राम-पाली, पोस्ट-पेंड्रा, विकासखण्ड-फिंगेश्वर.
गैंदराम सोनवानी पिता इंदल राम सोनवानी, ग्राम- पाली, पोस्ट-पेंड्रा, विकासखण्ड – फिंगेश्वर
4.मिरी,अमरदास पिता केशोराम मिरी, ग्राम-बकली, पोस्ट- परसोदाजोशी, विकासखण्ड-फिंगेश्वर
तामेश्वर राम मतावले, पिता मोती राम मतावले, ग्राम-देवगांव, पोस्ट- बेलर, विकासखण्ड फिंगेश्वरं
मोहित कुमार देवदास, पिता प्यारे लाल देवदास, ग्राम- पोलकर्रा पोस्ट-पेंड्रा, विकासखण्ड – फिंगेश्वर
अमरदास डहरिया, पिता भागवत डहरिया, ग्राम+पोस्ट- लोहरसी, विकासखण्ड-फिंगेश्वर
देवेन्द्र खुटे, पिता मनीराम खुटे
दिलीप बंजारे, पिता लक्षीराम बंजारे, ग्राम-बकली, पोस्ट- परसोदाजोशी, विकासखण्ड-फिंगेश्वर
मोहन सिन्हा, पिता तुलसी राम सिन्हा, ग्राम- सेंदर,पोस्ट परसदाकला विकासखण्ड – फिंगेश्वर
जितेन्द्र कुमार धृतलहरे, पिता हिरासिंह धृतलहरे
मोहन गंधर्व, पिता महेश गंधर्व, ग्राम तौरेंगा, विकासखण्ड-छुरा
राकेश टोडर, पिता बेनुराम टोडर, ग्राम- गोंदलाबाहरा, पोस्ट-अकलवारा, विकासखण्ड-छुरा
जांच में यह तथ्य सामने आए
छत्तीसगढ़ शासन की अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन का योजना का लाभ प्रदान किये जाने के लिए आदिवासी विकास विभाग गरियाबंद के द्वारा शासन के निर्धारित मानदंडों का पालन किये बिना ही हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने की तत्परता दिखायी गई. जबकि उनमें से कई अपात्र थे. यहां तक कि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में भी कई हितग्राहियों को पात्र बताकर नस्ती प्रचालित की गयी है और आदिवासी विकास विभाग गरियाबंद द्वारा समिति से अनुमोदन प्राप्त लिया गया है. जो अत्यन्त गंभीर कदाचार है. उक्त शिकायत मामलों में समुचित कार्रवाई के लिए एफआईआर किया जाकर विस्तृत जांच करवाया जाना उचित प्रतीत होता है. ताकि शासकीय राशि के गबन के जिम्मेदारो के ऊपर समुचित कार्रवाई अग्रसर हो सके.
पिछले 5 महीने में तीसरे बड़े मामले की जांच की
गरियाबंद अपर कलेक्टर अरविंद पांडे ने अन्तर्जातीय प्रोत्साहन योजना में हुए भ्रष्टाचार की जांच के अलावा पिछले पांच माह में 2 और बड़े मामले की जांच की है. जिसमें एक मामले में जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है. मैनपुर स्वास्थ्य विभाग में बोगस फाइल के जरिए 3 करोड़ 13 लाख रुपये की राशि के फर्जीवाड़े की जांच कर 11 अफसरों और कर्मियों के खिलाफ एफआईआर कराई थी. वहीं दूसरे मामले में जिले भर के 93598 निवेशकों के 207 चिटफंड कंपनी में डूबे 181 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि को वापस दिलाने की मुहिम शुरु की.
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