नाबालिग गर्लफ्रेंड को डराने के लिए बॉयफ्रेंड ने खुद को लगाई आग, बचाने के चक्कर में प्रेमिका भी झुलसी, जिला अस्पताल में भर्ती, इलाज जारी
A boyfriend set himself on fire to scare his minor girlfriend; the girlfriend also suffered burns while trying to save him. She was admitted to a district hospital and is undergoing treatment.
चिरमिरी : छत्तीसगढ़ के चिरमिरी में सोमवार की सुबह एक नाबालिग लड़की के घर पर दबाव बनाने के प्रयास में उसके बॉयफ्रेंड ने खुद को आग लगा ली. इस घटना में युवक और युवती दोनों बुरी तरह झुलस गए. दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से जिला चिकित्सालय चिरमिरी में भर्ती कराया गया. जहां उनका इलाज जारी है. घटना वार्ड नंबर 26 की बताई जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक शुभम राय उर्फ गोलू अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड से शादी का साथ मांगने उसके घर गया था. नाबालिग होने की वजह से परिजनों ने शादी के लिए इंकार कर दिया. इसके बाद मंगलवार को दबाव बनाने और प्रेमिका को डराने के मकसद से शुभम ने अपने पैरों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली.
पुलिस के मुताबिक शुभम का इरादा आत्महत्या का नहीं था. उसका मकसद सिर्फ प्रेमिका को डराना और उस पर दबाव डालना था. घटना के समय नाबालिग लड़की स्कूल जा रही थी. रास्ते में शुभम ने उसे रोककर बातचीत करने की कोशिश की. लेकिन लड़की ने उसकी बात नहीं मानी. इस दौरान उसने अपनी जेब से पेट्रोल की बोतल निकाली और अपने पैरों पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. आग की लपटें तेजी से फैल गईं. युवक को आग की चपेट में देख नाबालिग ने उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी. इसी कोशिश में वह भी आग की चपेट में आ गई और झुलस गई.
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को जिला चिकित्सालय चिरमिरी पहुंचाया गया. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए निगरानी में रखा है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग लगाने के पीछे शुभम की मानसिक स्थिति क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य कारक शामिल था. मामले में बच्ची की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
स्थानीय लोगों और चिकित्सालय के कर्मचारियों ने घटना की भयावहता पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नाबालिग युवाओं में ऐसे गंभीर कदम उठाने की प्रवृत्ति पर ध्यान देने की जरुरत है. किशोर संबंधी मामलों में परिवारों, स्कूलों और समाज को जागरुक होने की जरुरत है। इस मामले से यह साफ होता है कि दबाव और डर पैदा करने के लिए उठाए गए कदम कभी-कभी खुद को और दूसरों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं.
पुलिस और प्रशासन ने दोनों की सुरक्षा और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए उचित कदम उठाए हैं. इस घटना के बाद चिरमिरी पुलिस ने समाज में युवाओं और नाबालिगों के बीच भावनात्मक समस्याओं के समाधान के लिए जागरूकता बढ़ाने का भी संदेश दिया.
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