शराब दूकान के पास रात में गाली से शुरु हुआ विवाद, मारपीट में बदली रात, सुबह मिली लाश, हत्या का पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
A dispute began with verbal abuse near a liquor store at night, escalated into a fight, and the body was found in the morning. Police uncovered the murder, and three suspects were arrested.
बिलासपुर/सकरी : बिलासपुर जिला में थाना सकरी पुलिस ने 20 दिन पुराने अंधेकत्ल के मामले का कामयाब खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि तीसरा आरोपी पहले से ही अन्य अपराध में जेल में बंद है. इस अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने में ह्यूमन इंटेलिजेंस, स्थानीय सूत्रों और लगातार सर्विलांस की अहम भूमिका रही.
मिली जानकारी के मुताबिक 8 दिसंबर 2025 को संजू साहनी ने थाना सकरी में मर्ग रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता प्रहलाद साहनी 7 दिसंबर को हिर्री माइंस इंद्रपुरी से बिलासपुर जाने के लिए निकले थे. लेकिन उनका शव अगले दिन सकरी शराब दुकान के पास मिला. इस खबर पर मर्ग कायम कर घटनास्थल का मुआयना, पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल के हालात को देखते हुए पुलिस को मामला संदिग्ध मालुम हुआ. मृतक के चेहरे और आंख के पास चोट के निशान पाए गए. जिससे मारपीट की आशंका मजबूत हुई. इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरु की.
जांच के दौरान शराब दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई. एक कैमरे में सिर्फ ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली. जिसमें घटना वाली रात करीब 11:30 बजे गाली-गलौच और बहस की आवाजें सुनाई दीं. यह ऑडियो मृतक के परिजनों को सुनाया गया. जिन्होंने गाली देने वाले व्यक्ति की आवाज मृतक प्रहलाद साहनी की होना पहचाना. यह जांच की दिशा तय करने वाला अहम सुराग साबित हुआ.
इसी बीच अगले दिन प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा का एक अन्य मामले में खुद थाना में आकर गिरफ्तारी देना पुलिस के लिए शक की वजह बना. इसके बाद पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस, स्थानीय जानकारी और करीब 20 दिनों के लगातार सर्विलांस के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं.
जांच में सामने आया कि 7 दिसंबर की रात मृतक शराब के नशे में सकरी शराब दुकान के पास गाली-गलौच कर रहा था. शोर सुनकर पास में रहने वाले पुरुषोत्तम वर्मा उर्फ आसाराम, प्रियांशु वर्मा और प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा वहां पहुंचे और मृतक को चिल्लाने से मना किया. इसी दौरान विवाद बढ़ गया और तीनों ने मिलकर मृतक के साथ मारपीट की. जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा. आरोपी उसे उसी हालत में छोड़कर चले गए.
दूसरे दिन सुबह उसी जगह पर मृतक का शव मिला. सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज किया गया. पूछताछ में पुरुषोत्तम वर्मा उर्फ आसाराम और प्रियांशु वर्मा ने जुर्म कबूल किया. जिन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. तीसरा आरोपी प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा पहले से ही जेल में बंद है.
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