पानी टंकी की नींव में दफन करने का मुख्य फरार आरोपी अभिषेक पांडेय ठेकेदार का 48 करोड़ का टेंडर होगा निरस्त, पीएचई ने किया नोटिस जारी

Abhishek Pandey the main absconding accused of burying water in the foundation of the water tank contractor tender worth Rs 48 crore will be cancelled PHE issues notice

पानी टंकी की नींव में दफन करने का मुख्य फरार आरोपी अभिषेक पांडेय ठेकेदार का 48 करोड़ का टेंडर होगा निरस्त, पीएचई ने किया नोटिस जारी

सरगुजा : सरगुजा जिले के संदीप हत्याकांड के मुख्य आरोपी की ठेका कंपनी के टेंडर जल्द कैंसिल होने वाले हैं. संदीप मर्डर केस में अभिषेक पांडेय को मुख्य आरोपी माना गया है. जो 7 जून से फरार है। इसके चलते 62 करोड़ के काम ठप पड़े हैं.
दरअसल, अभिषेक पांडेय ने सरगुजा पीएचई विभाग से 62 करोड़ रुपए के 28 कार्यों का एग्रीमेंट किया था. अभिषेक को 14 करोड़ का भुगतान हो चुका है. पीएचई ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया था. नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला है. अब इन 28 कार्यों को निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
पानी टंकी की नींव में दफन किया था शव
सीतापुर के बेलजोरा निवासी संदीप लकड़ा की 7 जून 2024 को अपहरण कर हत्या कर दी गई. उसका शव मैनपाट में जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन पानी टंकी की नींव में दफन कर दिया गया. 6 सितंबर को पुलिस ने पानी टंकी को गिराकर शव को बरामद कर लिया. मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय फरार है.
अब तक 7 आरोपियों की गिरफ्तारी
हत्याकांड में 7 आरोपियों को अब तक पुलिस ने पकड़ा है. जिसमें अभिषेक के सहयोगी भी शामिल हैं. फरार अभिषेक पांडेय पर आईजी ने 30 हजार, एसपी ने 10 हजार रुपए और सर्व आदिवासी समाज ने पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया है.
पीएचई ने भेजा नोटिस, नहीं मिला जवाब
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद ही अभिषेक पांडेय के सभी काम कैंसिल करने और भुगतान रोकने का दबाव पीएचई पर था. सीतापुर विधायक ने भी इसे लेकर बयान दिया था. करीब 30 प्रतिशत से ज्यादा का काम ठेकेदार ने पूरा भी कर दिया है. अब खुलासे के बाद से जल जीवन मिशन के सभी काम बंद हैं. पीएचई ने जून माह में ही 14 करोड़ रुपए का भुगतान भी ठेकेदार को कर दिया है. अब बाकी काम बंद होने की वजह से पीएचई के ईई ने अभिषेक पांडेय को नोटिस जारी किया. घर बंद मिलने पर उसके घर पर नोटिस चस्पा किया गया था.
सभी टेंडर निरस्त करने की तैयारी
अभिषेक पांडेय के नाम पर ही ठेका फर्म है और अन्य कोई पार्टनर नहीं है. इस वजह से अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद भी काम फौरन पूरा होने की उम्मीद नहीं है. इसके चलते विभाग ने सभी टेंडर के सभी अनुबंध को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरु की थी. इसका ऑर्डर कभी भी जारी किया जा सकता है.
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