बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की दबंगई, किसान की शिकायत पर दी धमकी, बोला-कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल

High-handedness by electricity department contract workers: a farmer was threatened after lodging a complaint, with the worker declaring, "No one can do anything to me"—raising questions about the staff's conduct.

बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की दबंगई, किसान की शिकायत पर दी धमकी, बोला-कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल

रायपुर/खरोरा : छत्तीसगढ़ के खरोरा नगर के एक किसान द्वारा बिजली विभाग में अपनी समस्या को लेकर विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई. आरोप है कि परेशान किसान से समस्या का समाधान करने के बजाए उसे ही धमकी दे दी गई. जिससे ग्रामीणों ने नाराजगी का माहौल है. और इससे कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
किसान ने बताया कि उसने हाल ही में करीब 65 हजार रुपये के पौधे खरीदे थे. जिन्हें समय पर सिंचाई की जरूरत थी. इसी दौरान उसकी बाड़ी में लगा बोरवेल का सबमर्सिबल पंप खराब हो गया. जिसकी वजह से सिंचाई कार्य पूरी तरह बाधित हो गया. समस्या की गंभीरता को देखते हुए उसने बिजली विभाग में शिकायत दर्ज कराई.
लेकिन शिकायत दर्ज होने के करीब 12 घंटे बाद भी विभाग की तरफ से समस्या के समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई. इस पर किसान ने संबंधित कर्मचारियों से जल्द समस्या के निराकरण का अनुरोध किया और कहा कि अगर उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने शिकायत करेगा.
मेरा सांसद और विधायक भी कुछ नहीं कर सकते.
आरोप है कि इस दौरान संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत रोहित कश्यप ने किसान के साथ अभद्र व्यवहार किया. किसान का कहना है कि कर्मचारी ने उससे कहा कि मेरे खिलाफ न सांसद कुछ कर सकते हैं और न ही विधायक... तुम्हें जहां शिकायत करनी है, कर लो. मैं पहले अपना काम करूंगा... उसके बाद तुम्हारा काम देखूंगा और मैं तुम्हारा नौकर नहीं हूं..
किसान द्वारा दुबारा निवेदन किए जाने पर संबंधित संविदा कर्मचारी गाली-गलौज पर उतर आया. इसके बाद किसान ने तत्काल इस पूरे मामले की शिकायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से की. शिकायत मिलने के बाद अधिकारी वर्मा के निर्देश पर संबंधित समस्या का समाधान कराया गया.
किसान का यह भी आरोप है कि संबंधित संविदा कर्मचारी रोहित कश्यप के खिलाफ पूर्व में भी किसानों द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने और कार्यों का उचित ढंग से निष्पादन न करने संबंधी शिकायतें जनप्रतिनिधियों के सामने दर्ज कराई जा चुकी हैं. हालांकि इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है.
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है. आखिर संविदा कर्मचारी उपभोक्ताओं और किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों कर रहे हैं? क्या उपभोक्ता बिजली सेवा का फायदा मुफ्त निःशुल्क ले रहे हैं, या कर्मचारियों का यह दायित्व नहीं है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन शालीनता और संवेदनशीलता के साथ करें?
ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि क्या इस तरह के संविदा कर्मचारियों की शिकायत टोल फ्री नंबर 1076 पर की जानी चाहिए? क्या इस व्यवस्था के जरिए किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है? साथ ही अगर किसी कर्मचारी द्वारा जनप्रतिनिधियों, जैसे विधायक और सांसद, के प्रति भी अपमानजनक टिप्पणी की जाती है. तो यह न सिर्फ अनुशासनहीनता का विषय है. बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t