जीवित बुजुर्ग महिला को मृत बताकर कर डाला जमीन का नामांतरण, तहसीलदार संजय राठौर सस्पेंड, बीईओ और संभागायुक्त निलंबित

Land transferred by declaring a living elderly woman as dead, Tehsildar Sanjay Rathore suspended, BEO and Divisional Commissioner suspended

जीवित बुजुर्ग महिला को मृत बताकर कर डाला जमीन का नामांतरण, तहसीलदार संजय राठौर सस्पेंड, बीईओ और संभागायुक्त निलंबित

जीवित बुजुर्ग महिला को मृत बताकर कर डाला जमीन का नामांतरण, तहसीलदार संजय राठौर सस्पेंड

सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भैयाथान तहसीलदार संजय राठौर को सस्पेंड कर दिया गया है. उन पर आरोप है कि जीवित महिला को मृत बताकर उन्होंने जमीन का नामांतरण करवा दिया. इसी मामले में 87 साल की बुजुर्ग शेलकुमारी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला शेलकुमारी तहसीलदार की शिकायत कलेक्टर से की थी. शिकायत पर तीन सदस्यीय टीम ने अपनी जांच में संजय राठौर को दोषी पाया. जांच रिपोर्ट के आधार पर सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा ने तहसीलदार पर कार्यवाही की है. तहसीलदार संजय राठौर को निलंबित करते हुए कलेक्टर कार्यालय बलरामपुर में अटैच किया गया है.
बालोद जिले के बीईओ निलंबित
वहीं 12 जून को युक्तियुक्तकरण में लापरवाही बरतने पर डौंडी के बीईओ को सस्पेंड कर दिया गया है. बीईओ जयसिंह भारद्वाज पर अपने करीबी शिक्षकों को लाभ पहुँचाने के आरोप लगे हैं. जिसके बाद अब संभाग आयुक्त ने कार्यवाही करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है. शिक्षक साँझा मंच ने मामले की शिकायत की थी.
संभागायुक्त ने किया निलंबित
शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में अनियमितता बरतने के मामले में संभागायुक्त दुर्ग ने बालोद जिले के डौण्डी बीईओ जयसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति, बालोद की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है. जिसमें शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में विकासख गंभीर अनियमितताएं बरतने का मामला पकड़ में आया है.
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किसान की आत्महत्या के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, तहसीलदार समेत 3 सस्पेंड

इंदौर : इंदौर के देपालपुर क्षेत्र में एक किसान के सीमांकन और कब्जे के आवेदन के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इस बारे में कमिश्नर दीपक सिंह और प्रभारी कलेक्टर गौरव बेनल ने संबंधित तहसीलदार सहित तीन अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
कमिश्नर दीपक सिंह ने तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार देपालपुर जगदीश रंधावा को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरु की है. इसी तरह प्रभारी कलेक्टर गौरव बेनल ने देपालपुर क्षेत्र में पदस्थ पटवारी अल्केश गुप्ता और तत्कालीन सहायक ग्रेड 3 रीडर देपालपुर रीना कुशवाहा को निलंबित कर विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं.
इसी तरह पूर्व से निलंबित राजस्व निरीक्षक नरेश विवलकर के खिलाफ विभागीय जांच करने के आदेश भी दिए गए हैं. यह कार्रवाई अपर कलेक्टर राजेंद्र रघुवंशी द्वारा की गई जांच में संबंधित तहसीलदार और कर्मचारियों की लापरवाही पाई जाने पर की गई है.
देपालपुर के लिलेंडीपुरा निवासी किसान करणसिंह उम्र 65 साल ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एसिड पी लिया था. इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई. दरअसल किसान ने जिन लोगों के खिलाफ शिकायत की थी. उनमें इमरान पिता नवाब, नवाब पिता घिसा, मांगू सरपंच ताकि खां और अकिरम पिता सूरमा शामिल थे. उनका आरोप था कि इन लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है. करणसिंह इस बात से आहत थे कि नपती (सीमांकन) के बाद भी अधिकारियों ने उन्हें कब्जा नहीं दिलवाया. वे लंबे समय से इसके लिए चक्कर काट रहे थे और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी, लेकिन उसका निराकरण नहीं हुआ.
अफसोस यह कि करणसिंह की मौत के बाद बुधवार को जिला प्रशासन ने अग्रिम कब्जा दिलवा दिया. लेकिन सुनवाई जारी रखी। इसके साथ ही प्रभारी कलेक्टर गौरव बैनल ने मामले की फैक्ट फाइंडिंग के लिए एडीएम राजेंद्र रघुवंशी को जांच सौंपी.
एडीएम रघुवंशी ने पूरे मामले की मैदानी और दस्तावेजी तस्दीक की. इसके साथ ही मौके की स्थिति को जाना. फिर गुरुवार को प्रभारी कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपी. इसके बाद देर रात कमिश्नर और प्रभारी कलेक्टर ने लापरवाह तहसीलदार सहित तीन को सस्पेंड कर दिया.
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