पुरुषों ने संभाला खेती का काम, महिलाएं संभाल रही शराब दुकान विरोधी आंदोलन की कमान, 4-5 दिनों से महिलाओं ने दिया धरना
Men took care of farming, women took charge of the movement against liquor shops, women have been protesting for 4-5 days
रायपुर : खेती के इस व्यस्त मौसम में भी ग्राम खौली में शराब दुकान विरोधी धरना रविवार को 12 वें दिन भी जारी रहा. प्रस्तावित शराब दुकान के निरस्तीकरण आदेश की प्रतीक्षा में यह धरना जारी है. पुरुष वर्ग ने जहां खेती का काम संभाल रखा है. वहीं महिलाएं एक तरफ किसानी काम में मदद कर रही हैं तो दूसरी तरफ घरेलू काम निपटाकर धरना का दायित्व भी संभाल रही हैं.
बीते कुछ दिनों से संघर्ष समिति द्वारा लगातार धरना प्रदर्शन और आंदोलन किए जा रहे हैं. समिति का आरोप है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में शराबबंदी का वादा किया था. लेकिन सरकार बनने के बाद अब वही पार्टी नई शराब दुकानें खोलने में जुटी है. दोदेखुर्द गांव में लंबे समय से शराब दुकान का विरोध होता आया है. ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकानों से गांव का सामाजिक माहौल खराब होता है युवाओं में नशे की लत बढ़ती है और महिलाओं को घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
मालूम हो कि ग्रामीणों द्वारा निविदा नहीं डालने के कारण आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खौली में जगह उपलब्ध नहीं हो पाने के चलते प्रशासन अभी तक शराब दुकान नहीं खोल पाया है. क्षेत्रीय विधायक गुरु खुशवंत सिंह के वादे के बाद भी प्रस्तावित शराब दुकान बंद करने का आदेश प्रशासन द्वारा अभी तक जारी नहीं किया गया है. और आदेश के इंतजार में ग्रामीण धरना जारी रखे हुए हैं.
इधर धरसीवां विधायक अनुज शर्मा ने अपने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दोदेकला में शराब दुकान नहीं खुलने की घोषणा सार्वजनिक मंच से कर दी है. जबकि गुरु ने इस बारे में मिलने गये ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल को शराब दुकान नहीं खुलने देने का वादा कर अपना प्रतिनिधि खौली के धरनास्थल पर भेज अपने वादे से अवगत कराया था लेकिन शासन-प्रशासन के रवैये से आशंकित ग्रामीण प्रस्तावित शराब दुकान के निरस्तीकरण आदेश की प्रतीक्षा में बतौर ऐहतियात धरना जारी रखे हुए हैं. आज सोमवार को ग्रामीण सभा की बैठक में आगामी रणनीति पर विचार किए जाने की संभावना है.
इधर राजधानी रायपुर से सटे दोदेखुर्द गांव में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर स्थानीय महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. गांव की महिलाओं ने संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करते हुए शराब दुकान के खिलाफ धरना दिया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर दुकान खोलने की कोशिश की गई तो रायपुर-बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा.
धरने में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने गांव में शराब दुकान नहीं खुलने देंगी. धरने में कांग्रेस की पूर्व विधायक अनीता शर्मा और रायपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उधोराम वर्मा भी मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनता के हितों की अनदेखी कर शराब माफिया के हित में काम कर रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



