फर्जी पट्टे से जमानत कराने का खेल बेनकाब, पैसे लेकर कोर्ट में नकली पट्टा-आधार फर्जी दस्तावेज दिखाकर छुड़ाने वाली गैंग में महिलाएं भी शामिल, 7 गिरफ्तार
Scheme to secure bail using forged lease deeds exposed; women involved in a gang that facilitated releases by presenting fake lease deeds and forged Aadhaar cards in court; 7 arrested.
सरगुजा : सरगुजा जिला में फर्जी जमानत का बड़ा खेल बेनकाब हुआ है. फर्जी पट्टा और जाली दस्तावेजों के जरिए पैसे लेकर आरोपियों की जमानत कराने वाले गिरोह के 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 5 फर्जी पट्टा, आधार कार्ड, 6 मोबाइल, एक्टिवा, लैपटॉप और 2 प्रिंटर समेत अन्य सामान बरामद हुआ. पूछताछ में फर्जी पट्टा तैयार कराने से लेकर कोर्ट में इस्तेमाल करने तक की कड़ियां सामने आईं. पुलिस की कार्रवाई में 5 फर्जी पट्टा, फर्जी आधार कार्ड, घटना में इस्तेमाल 6 मोबाइल, एक होंडा एक्टिवा स्कूटी, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, की–बोर्ड और माउस बरामद किए गए हैं.
मुखबिर की खबर ने खोल दिया पूरा खेल
मिली जानकारी के मुताबिक 11 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि कुछ लोग अदालत में पट्टा पुस्तिका और आधार कार्ड के जरिए आरोपियों की जमानत कराने का काम कर रहे हैं. और ये लोग अदालत के आसपास मौजूद हैं. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी और नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में थाना कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम मौके के लिए रवाना हुई.
कला केंद्र मैदान में घेराबंदी, चबूतरे के पास मिले संदिग्ध
पुलिस टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर तलाश शुरू की. इसी दौरान कला केंद्र मैदान के चबूतरे के पास पुरुष और महिलाएं दिखाई दिए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की. पूछताछ में इनकी पहचान बुधराम पिता स्व रनसाय गोंड उम्र 55 साल निवासी अजबनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर, अजय मानिकपुरी उर्फ जयलाल पिता स्व सुरजन मानिकपुरी उम्र 40 साल निवासी बलसेंडी थाना गांधीनगर, रामेश्वरी यादव पति महेश्वर यादव उम्र 30 साल निवासी लब्जी थाना गांधीनगर, दशमेत गोंड पति बुधराम गोंड उम्र 40 साल निवासी अजबनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर और ममता पैकरा उर्फ बिलासो पिता शिवधर पैकरा उम्र 29 साल निवासी बेलसेंडी कल्याणपुर थाना गांधीनगर जिला सरगुजा के रूप में हुई.
पूछताछ के दौरान फर्जी पट्टों को लेकर शक और गहरा गया
आरोपियों ने अपनी स्कूटी की डिक्की में फर्जी पट्टे रखना बताया. स्कूटी नम्बर CG/15/DU/8688 की तलाशी ली गई तो उसमें से 5 नग किसान पट्टा और एक आधार कार्ड बरामद हुआ. पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की तो किसान किताब प्रथम दृष्टया फर्जी सील वाली और बिना दस्तखत की पाई गई. दस्तावेजों के संदिग्ध होने पर आरोपियों से पूछताछ की गई. पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि इन फर्जी किसान किताबों यानी पट्टों के जरिए वे जरूरतमंद आरोपियों को तलाशते थे. उनसे पैसे लेते थे और अदालत में उनकी जमानत के लिए इनका इस्तेमाल करते थे.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फर्जी दस्तावेज उन्हें अंबिकापुर के पट्टा दलाल राज जायसवाल उपलब्ध कराता था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने राज जायसवाल पिता स्व भोलानाथ जायसवाल उम्र 34 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 23 घुटरापारा अंबिकापुर को हिरासत में लिया. इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों से अलग–अलग पूछताछ की और बयान लिया.
बुधराम गोंड और राज जायसवाल ने पूछताछ में बताया कि शशिभूषण सिंह निवासी नवापारा अंबिकापुर से फर्जी पट्टे बनवाए जाते थे. इन्हीं फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल न्यायालय को गुमराह कर आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए किया जाता था. इसके बाद पुलिस ने मामले में शामिल शशिभूषण सिंह पिता शिव कुमार सिंह उम्र 36 साल निवासी वार्ड नंबर 16 नवापारा अंबिकापुर को भी पकड़कर हिरासत में लिया. इस तरह पूछताछ की एक कड़ी ने पुलिस को पांच संदिग्धों से छठे और फिर सातवें आरोपी तक पहुंचा दिया.
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों ने घटना कारित करना स्वीकार किया है. उनके कब्जे से 5 नग फर्जी पट्टा, फर्जी आधार कार्ड, 6 मोबाइल फोन, एक होंडा एक्टिवा स्कूटी, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, की-बोर्ड और माउस जब्त किए गए हैं. आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 639/26 दर्ज किया गया है. मामले में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2), 61(2) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज किया गया. गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया.
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