गरीब किसान की जमीन पर दबंगों ने किया कब्जा, विरोध करने पर असली मालिक को ही भेज दिया जेल!!, न्याय नहीं दबंगई का राज?
The land of a poor farmer was captured by the bullies, when he protested, the real owner was sent to jail!!, not justice but rule of bullying?
जांजगीर-चांपा : पामगढ़ तहसील के ग्राम मेऊ में न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की ऐसी तस्वीर सामने आई है. जिसे जानकर आपका भी खून खौल उठेगा. यहां एक गरीब किसान अमारुराम केवट की निजी ज़मीन पर कब्जा कर लिया गया और जब उसने अपनी जमीन बचाने की कोशिश की. तो उल्टा उसे ही जेल भेज दिया गया.
गांव के दबंग पंचूराम साहू ने अमारुराम केवट की जमीन पर जबरन अपने सास-ससुर का मठ भवन बनवा दिया। जब अमारुराम ने इसका विरोध किया. तो उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भिजवा दिया गया. पीड़ित किसान का कहना है कि जमीन उसकी खुद की है और रेवेन्यू रिकॉर्ड (पर्ची) उसके पास है. फिर भी उसे इंसाफ नहीं मिल रहा है. संत्रा बाई, जो कि जमीन की सह-मालकिन हैं. उन्होंने भी इस अन्याय पर सवाल उठाया है.
इस पूरे घटनाक्रम ने पामगढ़ तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. गरीब किसान के पास ज़मीन के कागजात होने के बावजूद उस पर कब्जा और जेल भेजे जाने की घटना ने प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है.
पीड़ित अमारुराम केवट पिछले 10 साल से इंसाफ के लिए लड़ रहा है. लेकिन आज तक उसे राहत नहीं मिली. स्थानीय लोगों और ग्रामीण प्रतिनिधियों का कहना है कि अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा तो वे इस जुल्म के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करेंगे.
अब सवाल ये उठता है:
जब कागज आपके नाम हैं.. तो जमीन पर हक किसी और का कैसे?
क्या गरीबों के लिए इंसाफ पाना आज भी सिर्फ एक सपना है?
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