बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा को होटल में बॉयफ्रेंड ने मारपीट कर लगाई आग!, इलाज के दौरान मौत, मां का आरोप- दबाया जा रहा मामला
A final-year BSc student was assaulted and set on fire by her boyfriend in a hotel room. She died during treatment. Her mother alleges the case is being suppressed.
सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है. जहां एक युवती को होटल में जिंदा जलाकर हत्या करने का प्रयास किया गया. बाद में युवती की इलाज के दौरान 1 फरवरी की मौत हो गई. इस वारदात में योगेंद्र साहू, महेंद्र सिदार और आशीष पटेल तीनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कर कार्रवाई करने की मांग की है. यह मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है.
अस्पताल में युवती को छोड़कर भागे आरोपी
बताया जा रहा है कि 24 जनवरी को शिवम होटल सक्ती में इस वारदात को अंजाम दिया गया. वारदात के बाद आरोपी युवती को नाजुक हालत में एक प्राइवेट अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए. अस्पताल में छोड़ने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जहां आग से झुलसी दिशा मरावी उम्र 23 साल की हालत नाजुक होने पर उसे बिलासपुर के BTRC अस्पताल रेफर किया गया. जहां इलाज के दौरान दिशा मरावी की मौत हो गई.
कार्रवाई नहीं होने से परिजन नाराज
मृतका की पहचान दीक्षा मरावी के रुप में हुई है. जो सक्ती वार्ड नंबर-11 की रहने वाली थी और बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थी. घटना को 15 दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से परिजन नाराज हैं. इंसाफ की मांग को लेकर मां दर-दर भटकने को मजबूर है.. वहीं इस मामले में सक्ती पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
दिशा मरावी की मां ने अपनी बेटी को जिंदा जलाने का आरोप उसके बॉयफ्रेंड पर लगाया है. यह भी आरोप है कि आदिवासी होने के कारण दबाव बनाया जा रहा है. किसी तरह से कार्रवाई करने से इंकार किया जा रहा है. ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की है.
गर्लफ्रेंड दिशा मरावी उम्र 23 साल वार्ड नंबर-11 झूलकदम की रहले वाली थी. जबकि बॉयफ्रेंड योगेन्द्र साहू सकरेली कला का रहने वाला है. आरोप है कि योगेंद्र ने तारपीन डालकर दिशा को आग के हवाले कर दिया. बाद में योगेंद्र के दोस्त ने दिशा को अस्पताल पहुंचाया. इसके बाद अननोन नंबर मामले की जानकारी दिशा मरावी की मां को दी.
हालांकि इस मामले में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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दरअसल, दिशा मरावी कॉलेज में पढ़ाई करती थी, जबकि मां मीना मरावी सरकारी स्कूल में लेक्चरर है. 2008 में पति से तलाक के बाद मां-बेटी अलग रहते थे. वहीं दिशा और सब्जी व्यापारी योगेंद्र साहू के बीच प्रेम संबंध था.
मां मीना मरावी के मुताबिक, 24 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 1:40 बजे मीना मरावी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने बताया कि दिशा गंभीर रूप से जली हुई हालत में बिहान नर्सिंग होम में एडमिट है.
जानकारी मिलते ही मां अस्पताल पहुंची. नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद दिशा को बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया. दिशा को बर्न उपचार सुविधा वाले अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
वहां आईसीयू में इलाज के दौरान 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद बिलासपुर के तारबाहर थाना में शून्य में केस दर्ज किया गया. इसके बाद पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की गई. हालांकि अभी तक केस डायरी और रिपोर्ट सक्ती पुलिस को नहीं सौंपी गई है.
मां बोली- होटल में बुलाकर तारपीन डालकर आग लगाई
मीना मरावी ने आरोप लगाया है कि योगेन्द्र कुमार साहू ने दिशा को होटल में बुलाया. वहां तारपीन तेल छिड़ककर उसे आग लगा दी गई. उन्होंने इस घटना में महेन्द्र कुमार सिदार और आशीष पटेल की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है.
अस्पताल ले जाते समय दिशा ने बताई घटना
मीना मरावी के मुताबिक अस्पताल ले जाते समय दिशा ने बताया था कि उसे बाराद्वार रोड स्थित होटल में बुलाया गया था. वहां विवाद के बाद उसके साथ मारपीट की गई और फिर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई.
युवती की मां का दावा है कि आरोपी ने दिशा को धमकाकर घटना को किसी और जगह हुई बताने का दबाव भी बनाया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि दिशा की मौत से पहले बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) लिया गया था या नहीं. अगर बयान लिया गया, तो परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई.
CCTV और गवाहों की जांच पर भी शक
मां ने आरोप लगाया है कि कथित घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. उन्होंने CCTV फुटेज की जांच पर भी सवाल उठाए हैं.
मीना मरावी ने कहा कि घटना के बाद से अब तक नामजद आरोपियों को हिरासत में नहीं लिया गया है. इस वजह से उन्हें न्याय मिलने में देरी का डर है.
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