जनहित बनाम प्रशासनिक उदासीनता, शराब भट्ठी हटाने की मांग फिर पहुंची जनदर्शन, ग्रामीण बोले- नशा अव्यवस्था, असुरक्षा और हादसों की वजह

Public interest versus administrative apathy, the demand for the removal of the liquor distillery reached the public hearing again, villagers said – intoxication is the cause of chaos, insecurity and accidents.

जनहित बनाम प्रशासनिक उदासीनता, शराब भट्ठी हटाने की मांग फिर पहुंची जनदर्शन, ग्रामीण बोले- नशा अव्यवस्था, असुरक्षा और हादसों की वजह

रायगढ़ : वार्ड क्रमांक 41 टूरकुमुरा (छातामुरा–सहदेवपाली) में घनी आबादी के बीच संचालित शराब भट्ठी एवं अहाता को हटाने की मांग को लेकर जनदर्शन में सांगितराई छातामुरा सहदेवपाली के स्थानीय निवासियों द्वारा कलेक्टर रायगढ़ के जनदर्शन में फिर लिखित आवेदन सौंपा गया. क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह शराब दुकान लंबे समय से आवासीय क्षेत्र में सामाजिक अव्यवस्था, असुरक्षा और हादसों की वजह बनी हुई है. लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग लगातार आंख मूंदे हुए हैं.
स्थानीय लोगों ने बताया कि शराब भट्ठी खोले जाने से पहले ही शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा था. इसके बावजूद कुछ सत्ताधारी पक्ष के स्थानीय नेताओं को निजी हित पहुंचाने के मकसद से और राजनीतिक दबाव की वजह से विभाग द्वारा जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए शराब भट्ठी खोलने का फैसला लिया गया. जो क्षेत्रवासियों के लिए बहुत दुखद सुर दुर्भाग्यपूर्ण है.
क्षेत्र में शराब भट्ठी खुलने के बाद आए दिन नशे में धुत व्यक्तियों द्वारा गाली-गलौज, झगड़े, महिलाओं से अभद्र व्यवहार और खास कर मुख्यमार्ग से सांगितराई सड़क पर जमावड़ा व हंगामे की घटनाएँ सामान्य हो गई हैं. हाल ही में एक गंभीर हादसों में एक व्यक्ति इसी शराब दुकान के सामने गाड़ी की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो चुकी है. छोटी-मोटी दुर्घटनाएँ तो रोज हो रही हैं. जो प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण मानी जा रही हैं.
क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि इस शराब भट्ठी के खिलाफ पूर्व में कई बार ज्ञापन दिए गए, मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के अंतर्गत आवेदन भी दिया गया था. जिस पर स्थानांतरण संबंधी निर्देश भी जारी हो चुके हैँ. लेकिन आज दिनांक तक प्रभावी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि क्या प्रशासन *किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?
जनदर्शन में मौजूद नागरिकों ने कलेक्टर से साफ शब्दों में मांग किया कि शराब भट्ठी और अहाता को तत्काल प्रभाव से बंद कर किसी दूरस्थ, गैर-आवासीय स्थान पर स्थानांतरित किया जाए. क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया. तो बढ़ता जनआक्रोश भविष्य में उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है. जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन एवं आबकारी विभाग की होगी.
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