दो साल में हुआ 6 बार ट्रांसफर, 2 दिन पहले निलंबित हुए तहसीलदार का भी तबादला!, 4 माह में चार बार ट्रांसफर, पैसों का लेन-देन होने का आरोप
Transferred 6 times in two years Tehsildar who was suspended 2 days ago was also transferred Transferred four times in 4 months allegations of money transfer
रायपुर : छत्तीसगढ़ में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के थोक में तबादले से नाराज कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने राजस्व मंत्री टंकराम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संघ ने ट्रांसफर में पैसे का भारी लेनदेन होने का आरोप लगाया है. वहीं इस मामले को लेकर कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ हाईकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं.
कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीलमणी दुबे का आरोप है कि जो मंत्री बंगले के आगे नतमस्तक हुए उन्हें मनचाहे जगह पर पोस्टिंग दी गई है. इस ट्रांसफर पोस्टिंग में किसी तरह का कोई क्राइटेरिया नहीं बनाया गया है. किसी का एक साल के अंदर भी स्थानांतरण कर दिया गया है. किसी का 3 साल के बाद भी स्थानांतरण कर दिया गया है. मंत्री जी यह बताने का कष्ट करेंगे कि किसी भी अधिकारी का 3 साल के बाद ही स्थानांतरण करने का नियम है. लेकिन इसमें एक साल, दो साल किसी भी क्राइटेरिया का पालन ही नहीं किया गया है. इस पोस्टिंग में घोर अनियमितता है.
जिनका 6 महीने बाद रिटायरमेंट उनका भी तबादला
नीलमणी दुबे ने कहा कि जिस व्यक्ति का 6 महीने बाद रिटायरमेंट है. उसका भी स्थानांतरण कर दिया गया है. 55 साल के व्यक्ति जो आईसीयू में भर्ती हैं. उनका भी स्थानांतरण कर दिया गया है. न ही स्वास्थ्य क्राइटेरिया है ना ही उम्र क्राइटेरिया है, इस पोस्टिंग में कोई क्राइटेरिया नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले 2 साल में यह मेरा छटवां ट्रांसफर है. मेरे परिवार पर क्या बीत रही है, मुझ पर क्या बीत रही है. आप 2 साल में मेरा 6-6 बार ट्रांसफर कर रहे हैं.
संघ के पदाधिकारियों को किया टारगेट
संघ के अध्यक्ष ने कहा, जानबूझकर संघ के पदाधिकारियों को टारगेट किया गया है. मैं अध्यक्ष हूं. मेरा ट्रांसफर मोहला मानपुर कर दिया गया है. क्योंकि मैं संघ का अध्यक्ष हूं और मैं लोगों की बातों को रायपुर आकर रखता हूं. मुझे जानबूझकर मोहला मानपुर भेज दिया गया है. ताकि मैं किसी भी तरह की बातों को रखकर रायपुर नहीं आ पाऊं.
उन्होंने कहा कि राकेश देवांगन संघ के एक्टिव सदस्य हैं. उनका रायपुर से उठाकर सुकमा ट्रांसफर कर दिया गया है. संघ के पदाधिकारी गुरुदत्तपांच भाई उनको दुर्ग में गए एक साल हुआ है. उनका ट्रांसफर बलरामपुर कर दिया गया है. संघ के प्रवक्ता पेखंड टोकरे को सुकमा भेज दिया गया है. ये षड़यंत्रकारी नीति है.
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2 दिन पहले निलंबित हुए तहसीलदार का भी तबादला
धमतरी : 2 दिन पहले ही धमतरी कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने बेलरगांव तहसीलदार अनुज पटेल को निलंबित किया था. निलंबन के बाद उनके आयुक्त कार्यालय रायपुर में अटैच किया गया था. लेकिन जारी हुई तहसीलदारों को लिस्ट अनुज पटेल का भी तबादला कर दिया गया. जिसमे उन्हें धमतरी से सक्ति का नया तहसीलदार बनाया गया है.
राजस्व विभाग के द्वारा जारी में बकायदा सभी को तत्काल भार मुक्त करने का भी निर्देश दिया गया है साथ ही इस आदेश के बाद तत्काल 7 दिन के भीतर ज्वॉइन करने का भी निर्देश दिया गया है.
अब सवाल ये उठता है कि क्या अनुज पटेल बतौर सक्ति तहसीलदार ज्वॉइन कर पाएंगे? जानकार बताते हैं कि अगर किसी अधिकारी को निलंबित किया जाता है तो जब तक उसका निलंबन बहाल न हो जाए तब तक उसका तबादला नही कर सकते. ये नियम के खिलाफ है. तो अब ऐसे में 2 दिन में ही तहसीलदार अनुज पटेल का तबादला कैसे हो गया?.
तहसीलदार अनुज पटेल का निलंबन आदेश जारी होते ही संघ में नाराजगी भी देखने को मिली थी. नाराजगी इतनी थी संघ के सदस्यों ने कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया था. बकायदा राजस्व मंत्री मिलकर निलंबन बहाली की मांग भी गई थी. हालाकि मंत्री ने इस मामले में जांच के बाद ही किसी तरह की आगे की कार्रवाई की बात कही थी. लेकिन अनुज पटेल का निलंबन बहाल नही हुआ था.
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