चोरी की नीयत से घुसे दो नाबालिग बच्चों की बेरहमी से पिटाई, अस्पताल में भर्ती, प्लांट के कर्मचारी और गार्ड के खिलाफ मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

Two minor children who entered with the intention of theft were brutally beaten up, admitted to hospital, case registered against the plant employee and guard, police engaged in investigation

चोरी की नीयत से घुसे दो नाबालिग बच्चों की बेरहमी से पिटाई, अस्पताल में भर्ती, प्लांट के कर्मचारी और गार्ड के खिलाफ मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

कोरबा : छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के बालको प्लांट में एक गंभीर घटना सामने आई है. जिसमें दो नाबालिग बच्चों की बेरहमी से पिटाई की गई. आरोप है कि प्लांट के कर्मचारी और गार्ड ने बच्चों को इतनी बुरी तरह पीटा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. पुलिस ने घटना पर संज्ञान लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 11 बजे बालको प्लांट के पास नाबालिग बच्चे किसी काम से मौजूद थे. इस दौरान प्लांट के गार्ड और कर्मचारियों ने उन्हें रोककर पिटाई शुरु कर दी. चश्मदीदों के मुताबिक बच्चों को इतनी बेरहमी से मारा गया कि वे गंभीर रुप से घायल हो गए. इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर पुलिस को खबर किया.
इस मामले की खबर मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरु की. बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया. जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने घटना में शामिल बालको प्लांट के कर्मचारी और गार्ड के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने) और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही घटना के बारे में ज्यादा जानकारी सामने आने की उम्मीद है. पीड़ितों की उम्र 12 से 16 साल के बीच बताई जा रही है. मारपीट के शिकार बच्चों के पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं.
कोरबा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना के पीछे के वजह का अभी पता लगाया जा रहा है और सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी. प्लांट प्रशासन से भी घटना की पूरी जानकारी मांगी गई है.
यह घटना कोरबा जिले में इस महीने की दूसरी बड़ी घटना है. जिसमें नाबालिगों के साथ हिंसा का मामला सामने आया है. पिछले महीने भी एक अन्य मामले में एक नाबालिग पर हमला किया गया था. जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में 12% की वृद्धि दर्ज की गई है. कोरबा जिले में ही 5% मामलों में बच्चों के साथ हिंसा और दुर्व्यवहार के मामले सामने आए हैं.
बालको प्लांट प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे अपने स्तर पर भी आंतरिक जांच करेंगे. प्लांट के अधिकारियों ने कहा कि वे पुलिस जांच में पूरी मदद करेंगे और अगर कर्मचारी दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना ने जिले में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों के आस-पास इस तरह की घटनाएं बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है.
इस घटना ने समाज में बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार के प्रति गंभीर चिंता पैदा की है. पुलिस और प्रशासन द्वारा उचित कदम उठाए जाने की जरुरत है. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
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सूत्रों के मुताबिक इन नाबालिग बच्चों पर आरोप है कि वे चोरी की नीयत से बालको प्लांट के अंदर घुसे थे. हालांकि इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. यहां सवाल यह उठता है कि अगर बच्चे चोरी के इरादे से भी आए थे. तो उन्हें कानून के हवाले करने के बजाय सुरक्षाकर्मियों ने कानून को अपने हाथ में क्यों लिया?