जन समस्या निवारण शिविर का ग्रामीणों ने किया बहिष्कार, शिविर लगाकर प्रशासन ने जले पर नमक छिड़कने वाली कहावत को किया चरितार्थ - ग्रामवासी

Villagers boycotted the public problem solving camp by organizing the camp the administration fulfilled the proverb of sprinkling salt on the wound - villagers

जन समस्या निवारण शिविर का ग्रामीणों ने किया बहिष्कार, शिविर लगाकर प्रशासन ने जले पर नमक छिड़कने वाली कहावत को किया चरितार्थ - ग्रामवासी

धमतरी/नगरी : धमतरी जिले के आदिवासी विकास खंड नगरी के ग्राम तुमड़ीबहार में जिला प्रशासन के द्वारा 11 सितम्बर 2024 को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था. इस शिविर में ब्लाक स्तर के सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे. गौर करने वाली बात यह है कि इस शिविर में एक भी आवेदन किसी भी विभाग को नहीं मिला है. ज्ञात हो कि तुमड़ीबहार क्षेत्र अंतर्गत तीन पंचायतों के बीस गांव के ग्रामीण हजारों की तादाद में पहुंचकर शिविर का बहिष्कार कर दिया जिसकी वजह से समय से पहले शिविर को स्थगित करना पड़ा।
बता दें कि नगरी ब्लाक के तीन ग्राम पंचायत मेचका, बेलरबहारा ठेनही पंचायत के ग्रामीण और किसान संघर्ष समिति के द्वारा अपने मूलभूत समस्याओं को लेकर लंबे समय से शासन-प्रशासन को कई बारअवगत कराया जा चुका है. लेकिन इन ग्रामीणों के समस्याओं का आज तक निराकरण नहीं हुआ है. इन ग्रामीणों को आज तक सिर्फ आश्वाशन ही मिला है. जिसकी वजह से बीस गांव के हजारों ग्रामीणों में काफी आक्रोश दिखाई दे रहा है.
शासन प्रशासन विकास के कितनों भी दावे कर ले. लेकिन जमीनी हकीकत देंखे तो विकास की दावा खोखला नजर आ रहा है. आज पूरा भारत वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. आदिवासी विकासखंड नगरी के वनांचल में रहने वाले लोगों को आज भी अपने मौलिक अधिकारों के प्रति जूझना पड़ रहा हैं.

शिविर लगाकर प्रशासन ने जले पर नमक छिड़कने वाली कहावत को चरितार्थ किया है.
किसान संघर्ष समिति के द्वारा अपने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर के प्रशासन को सप्ताह भर पहले से ही ज्ञापन सौंपा जा चुका है. ज्ञापन में उल्लेख करते हुए कहा है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दे दिया गया था. इसके बावजूद भी प्रशासन ने 11 सितंबर को ग्राम तुमड़ीबहार में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित कर दिया जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखा गया.
ग्रामीणों का कहना है कि हमारी मांग को शासन प्रशासन ने नजरंदाज कर समस्या निवारण शिविर लगाकर हमारे दुखती रगों को कुरेदने का काम किया है. अगर शासन प्रशासन हमारी समस्याओं को दूर करना चाहता है. तो सबसे पहले हमारी 9 सूत्रीय मांगों को पूरी करें. वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पहले से जानकारी होने के बावजूद इस तरह जन समस्या निवारण शिविर लगाने का क्या औचित्य था? ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए शिविर को स्थगित कर दिया गया.
इस मौके पर शिविर में मुख्य रुप से नगरी तहसीलदार बलराम तंबोली, विकास खंड शिक्षा अधिकारी कलीराम साहू, पीएचई विभाग से एसडीओ एसके ठाकुर,जनपद सीईओ विमल कुमार साहू, करारोपन अधिकारी आनंद साहू, पशु चिकित्सालय से अमित नागेश सहित सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे.
वहीं प्रशासन को जगाने आंदोलन करने वालों में प्रमुख रुप से सरपंच बेलरबाहरा श्रीमती कलेश्वरी माझीं, सरपंच मेचका विमला ध्रुवा, जितेन्द्र बोर्झा, वोषित पटेल, डीके यादव, मिथिलेश बोर्झा, किशोर कश्यप, धर्मेन्द बिसेन, दुर्गा कुलदीप, परमेश्वर नेताम, शीतल भंडारी, रामस्वरुप मरकाम, अजीत नेताम, निर्मल नेताम, धनश्याम नेताम, श्यामल साय ध्रुवा, शंकर ध्रुव और बडी तादाद में ग्रामीण मौजूद थे.
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