मेडिकल कॉलेज आग लगने से 10 बच्चों की मौत, परिजनों की चीख से कांप उठा कलेजा, मृतक के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार का मुआवजा
10 children died due to medical college fire heart shuddered at the screams of family members compensation of Rs 5 lakh to the family of the deceased and Rs 50 thousand to the injured
झांसी : झांसी में रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु वार्ड में रात 10 बजे भीषण आग लग गई. इस हादसे में 10 बच्चों की मौत हो गई. 16 से ज्यादा बच्चे झुलस गए. घटना के वक्त वार्ड में 54-55 बच्चों का इलाज चल रहा था. यह आग बच्चों के वार्ड में लगी. आग लगने के बाद अस्पताल में भगदड़ मच गई. इस घटना के बाद कई परिजन अब तक अपने बच्चों की तलाश में जुटे हुए हैं. मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है. मृतक बच्चों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार की आर्थिक मदद करेगी सरकार.
झांसी अस्पताल में आग लगने से परिजनों में चीख पुकार मच गई. लोग इधर-उधर भागकर अपने कलेजे के टुकड़ों को बचाने की कोशिश में लग गए. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की वजह से दर्दनाक घटना घटी. दस मासूम बच्चे अग्निकांड की चपेट में आए. बचे हुए 54 बच्चों को सुरक्षित निकाला गया और उनके इलाज की व्यवस्था की गई. स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक वहां पहुंचे थे. उनके मुताबिक बाकी सभी बच्चे सुरक्षित हैं.
झांसी मेडिकल कॉलेज हादसे में एक सबसे बड़ी लापरवाही सामने है. घटना के वक्त फायर अलार्म नहीं बजा. रिपोर्ट में दावे किए जा रहे हैं कि फायर अलार्म न बजने की वजह से किसी को समय रहते आग के बारे में जानकारी नहीं मिली. आगे के काफी फैल जाने के बाद लोगों का उस ओर ध्यान गया. अगर समय से फायर अलार्म बज जाता तो यह बड़ी घटना नहीं घटती. दसों मासूम अपने मां-बाप की गोद में खिलखिला रहे होते.
ग्राउंड पर मौजूद लोगों ने बताया कि निको में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगी. जीवन रक्षक मशीनों पर रखे गए सभी नवजातों को ऑक्सीजन दी जा रही थी. तभी ऑक्सीजन के रिसाव के चलते आग ने एकाएक जोर पकड़ लिया. जिस वार्ड में बच्चों को ऑक्सिजन सपोर्ट पर रखा गया था. उनकी ऑक्सीजन वायरिंग काफी लूज थी. वहीं, सूत्र से पता चला कि वार्ड एंट्री गेट और एग्जिट गेट भी सही तरीके खुल नहीं पा रहे थे. एग्जिट गेट पर ताला लगा था.
एक चश्मदीद का कहना है कि आग लगने की असल वजह शॉर्ट सर्किट नहीं थी जबकि वो नर्स थी जिसने वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर के पाइप लगाने के लिए माचिस की तीली जलाई थी. जैसे ही उसने तिल्ली जलाई. पूरे वार्ड में आग लग गई.
बताया जा रहा है कि अस्पताल में रखें फायर एक्सटिंग्विशर भी एक्सपायर हो चुके थे. आग बुझाने वाले सिलेंडर की फिलिंग डेट 2019 और उसकी एक्सपायरी डेट 2020 थी. आग लगने पर फायर अलार्म बजाना वहां पर है. सिलेंडर किसी काम के नहीं थे.
घटना में मारे गए 10 बच्चों में से सात की पहचान हो गई है. लेकिन, अब भी तीन बच्चों के शव नहीं पहचाने जा सके हैं.
झांसी अस्पताल में आग के पीड़ित कुलदीप और उनकी पत्नी ने बताया10 दिन पहले उनको बेटा हुआ था. मंगलवार को झांसी मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया. रात में वह अपनी पत्नी के साथ लॉबी में बैठे थे. वे इंतजार में थे कि नर्स बच्चे को दूध पिलाने के लिए उसका नाम पुकारेगी. तभी आग लग गई. तीन बच्चों को उसने बचाया. खुद उसका हाथ जल गया. लेकिन, उसका बेटा कहां है, कोई जानकारी नहीं मिल पा रही. कोई बता दे कि बच्चा जिंदा है या नहीं. उसकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है.
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राष्ट्रपति मुर्मू ने झांसी के अस्पताल में आग की घटना पर संवेदना किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखा है, ‘उत्तर प्रदेश के झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे में कई नवजात शिशुओं की मौत की खबर बेहद दुखद है. ईश्वर शोक संतप्त माता-पिता और परिवारों को इस क्रूर आघात को सहने की शक्ति प्रदान करें. मैं घायल शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झांसी के हॉस्पिटल-कॉलेज में शिशु वार्ड में आग लगने और शिशुओं की मौत पर पीएम मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने पीड़ित परिजनों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की है. पीएमओ की तरफ से जारी पोस्ट में मृतक और इलाजरत शिशुओं के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिजनों को सहायता राशि देने का ऐलान किया है. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मृतक नौनिहाल के परिजनों को 5-5 लाख एवं गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपए तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं.
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ’10 बच्चों की मृत्यु एवं कई बच्चों के घायल होने का समाचार बेहद दुखद एवं चिंताजनक है. सबके प्रति संवेदनात्मक श्रद्धांजलि. आग का कारण ‘ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर’ में आग लगना बताया जा रहा है. ये सीधे-सीधे चिकत्सीय प्रबंधन व प्रशासन की लापरवाही का मामला है या फिर ख़राब क्वॉलिटी के आक्सीजन कॉन्संट्रेटर का. इस मामले में सभी ज़िम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो. मुख्यमंत्री जी चुनावी प्रचार छोड़कर, ‘सब ठीक होने के झूठे दावे’ छोड़कर स्वास्थ्य और चिकित्सा की बदहाली पर ध्यान देना चाहिए. जिन्होंने अपने बच्चे गंवाएं हैं, वो परिवारवाले ही इसका दुख-दर्द समझ सकते हैं. ये सरकार की ही नहीं, नैतिक ज़िम्मेदारी भी है. आशा है चुनावी राजनीति करनेवाले पारिवारिक विपदा की इस घड़ी में इसकी सच्ची जांच करवाएंगे और अपने तथाकथित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्रालय में ऊपर-से-नीचे तक आमूलचूल परिवर्तन करेंगे. रही बात उप्र के ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ की तो उनसे कुछ नहीं कहना है क्योंकि उन्हीं के कारण आज उप्र में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की इतनी बदहाली हुई है. संकीर्ण-सांप्रदायिक राजनीति की निम्न स्तरीय टिप्पणियां करने में उलझे मंत्री जी को तो शायद ये भी याद नहीं होगा कि वो ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ हैं. न तो उनके पास कोई शक्ति है न ही इच्छा शक्ति, बस उनके नाम की तख़्ती है.
बच्चों की मौत पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दुःख जताया है. उन्होंने मृतक बच्चों के परिजनों को 1-1 करोड़ संवेदना राशि देने की अपील की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में एक लंबी चौड़ी पोस्ट लिखी. उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले उप्र भाजपा सरकार समस्त झुलसे बच्चों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराए व जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है. उन समस्त शोक संतप्त परिवारों को 1-1 करोड़ संवेदना राशि दे. गोरखपुर न दोहराया जाए.
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा-"झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए दर्दनाक हादसे में कई नवजात बच्चों की मृत्यु और घायल होने की खबर से बेहद दुखी हूं. पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक हो रही इस तरह की दुखद घटनाएं सरकार और प्रशासन की लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं. सरकार सुनिश्चित करे कि घायल बच्चों का बेहतर से बेहतर इलाज हो. साथ ही इस दुखद घटना की तुरंत जांच कराई जाए और दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई हो."
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा-"उत्तर प्रदेश के झांसी के मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे में मासूम शिशुओं की मौत का समाचार बेहद पीड़ादायक है. इस हृदयविदारक हादसे में मृत सभी बच्चों के परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं. ईश्वर उनके परिवारों को ये दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे. उन्होंने आगे कहा, हम सरकार से मांग करते है कि इस हादसे के कारणों की जांच हो और जो भी ऐसी लापरवाही का दोषी हो, उसपर सख्त कानूनी कार्रवाई हो."
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा-"झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से दहला देने वाली खबर आई है, जहां नवजात शिशुओं के सघन चिकित्सा कक्ष में आग लग जाने की वजह से दस बच्चों की मौत हो गई है. शोक और सांत्वना के शब्द इस महाविपत्ति के समय व्यर्थ हैं. हम लोग इस मुश्किल परिस्थिति में परिजनों और अभिभावकों के साथ खड़े हैं."
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा-"यूपी, झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत की अति-दुखद घटना से कोहराम व आक्रोश स्वाभाविक. ऐसी घातक लापरवाही के लिए दोषियों को सख्त कानूनी सजा जरूरी. ऐसी घटनाओं की भरपाई असंभव फिर भी सरकार पीड़ित परिवारों की हर प्रकार से मदद जरूर करे.
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "उत्तर प्रदेश में 10 नवजात शिशुओं का झांसी के अस्पताल में झुलस जाने की घटना मानवता को शर्मसार करता है. इसी अस्पताल को इसी वॉर्ड पर खूब प्रचार-प्रसार किया जा रहा था. मैं सोचकर शर्मिंदा हूं कि जिस प्रदेश के 10 बच्चे जलकर राख हो गए उस प्रदेश के मुख्यमंत्री कुछ ही घंटे बाद प्रयागराज में चुनावी सभा कर रहे हैं. इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए."
शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने कहा, "बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. आग लग जाने की वजह से झांसी में अस्पताल में 10 नवजात शिशुओं की मृत्यु हो गई. योगी आदित्यनाथ महाराष्ट्र घूम रहे हैं. उनके स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री वहां (झांसी) पर बयानबाजी में लगे हुए हैं लेकिन हमें दुख होता है कि वे अस्पताल तक सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं. भाजपा के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की सरकार जिस प्रकार से आज अपराधियों की सरकार बन चुकी है, निष्क्रिय हो चुकी है, ये देख कर बहुत दुख होता है. उन माताओं पर क्या बीत रही होगी जिनके नवजात शिशुओं की आज मृत्यु हो चुकी है."
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा UP के झांसी में दर्दनाक घटना हुई है 10 बच्चों की जान चली गई और कई बच्चे ऐसे हैं जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. यह वही वार्ड है जिसका कुछ महीने पहले यह कह कर उद्घाटन किया गया कि ये वर्ल्ड क्लास वार्ड तैयार किया गया है. पता चला है कि आग बुझाने वाले यंत्र भी पिछले कुछ सालों से बंद पड़े थे काम नहीं कर रहे थे ये एक बहुत बड़ी लापरवाही है और इससे यह साफ हो जाता है कि UP में लोगों की जान के साथ कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है. UP सरकार को इस पूरी घटना की जाँच करवानी चाहिए हाईकोर्ट की मॉनीटरिंग में यह जाँच होनी चाहिए ताकि निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.
AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत पर दुख जताया. केजरीवाल ने एक्स पर लिखा-"झाँसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत की घटना बहुत पीड़ादायक है. इस मुश्किल वक्त में पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है."
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दर्दनाक पल
रात 10 बजे एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में तेजी से धुआं उठा।
10.05 बजे नवजात को दूध पिला रही महिला चीखते हुए बाहर निकली।
10:08 बजे डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ अंदर गया मगर तब तक धुआं भर गया।
10:10 बजे चीखपुकार मचते ही परिजन अपने-अपने नवजात को लेकर भागे।
10:20 बजे तेज धुआं के बाद भी परिजन अंदर घुसे जब नहीं घुसे तो चीखने लगे।
10:24 बजे फॉग लेकर दमकल मौके पर पहुंची और आग बुझाना शुरू किया।
10:27 बजे मेडिकल कॉलेज प्राचार्य मौके पर पहुंचे।
10:30 बजे- दमकल ने खिड़की आदि तोड़ी और फॉग व पानी का किया छिड़काव।
10:35 बजे डीएम, एसएसपी, मंडलायुक्त और डीआईजी मौके पर पहुंचे।
10:40 बजे सेना की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाना शुरू कर दिया।
10.50 बजे आग पर काबू पाया गया। अंदर घुसे डॉक्टर नवजात लेकर इमरजेंसी पहुंचे।
11:20 बजे डीएम, मंडलायुक्त व डीआईजी ने 10 बच्चों के मरने की पुष्टि की



