खेलकर लौट रहे भाई-बहन को कार ने रौंदा, बच्ची की मौत, मां हुई बेसुध, पुलिस जांच करने गई तो खराब मिले सभी CCTV

A car ran over a brother and sister returning from playing, the girl died, the mother became unconscious, when the police went to investigate, all the CCTVs were found to be faulty

खेलकर लौट रहे भाई-बहन को कार ने रौंदा, बच्ची की मौत, मां हुई बेसुध, पुलिस जांच करने गई तो खराब मिले सभी CCTV

दुर्ग : भिलाई में राजेश पटेल स्पोर्ट परिसर से फुटबाल खेलकर लौट रहे भाई-बहन को एक कार ने टक्कर मार दी थी. हादसे के बाद 2 मई को बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने भट्ठी थाने का घेराव कर दिया. उन्होंने कार ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही कहा कि पुलिस और नेता आरोपी को बचाने में लगे हुए हैं. जांच के दौरान आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे खराब मिले हैं. घटना भिलाई के बापू नगर खुर्सीपार की है.
मिली जानकारी के मुताबिक 29 मई की सुबह 10 साल की अंशिका और उसका 8 साल का भाई अंकुश रोज की तरह सेक्टर 1 फुटबाल ग्राउंड फुटबाल खेलने गए थे. जब वो वहां से साइकिल से अपने घर बापू नगर खुर्सीपार लौट रहे थे. तभी गैरेज रोड में एक तेज रफ्तार कार सवार ने उन्हें टक्कर मार दी और चालक फरार हो गया.
हादसे में अंशिका और अंकुश दोनों को गहरी चोट आई थी. दोनों को लहूलुहान हालत में पास के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला पहुंचाया गया. वहां अंशिका को नाजुक हालत के चलते पहले ही बीएम शाह हॉस्पिटल फिर रामकृष्ण केयर फिर श्री शंकराचार्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. अंकुश को कम चोट आने से वो खतरे से बाहर है.
सोमवार को इलाज के दौरान अंशिका ने दम तोड़ दिया. इसके बाद गुस्साए परिजनों ने भट्ठी थाने का घेराव किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि 5 दिन बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी कार चालक का पता नहीं कर पाई है. समय पर सही इलाज ना मिल पाने से उनकी बच्ची की मौत हो गई है.
परिजनों ने कहा कि पुलिस, नेता और अन्य जिम्मेदार सभी लोग गरीब की नहीं सुन रहे हैं. वो लोग कार चालक को बचाने में लगे हुए हैं. अगर सही से काम करते तो कार चालक अब तक उनकी गिरफ्त में होता.
अंशिका और अंकुश के मामा विनय कुमार गौतम ने कहा कि वो थाने का घेराव करने इसलिए आए हैं कि अब तक आरोपी कार चालक पकड़ा नहीं गया. पुलिस कह रही है कि गैरेज रोड में लगे सभी कैमरे खराब हैं. उन्होंने कहा कि ये कैमरे लाखों की लागत से लगाए गए थे.
इसमें कैमरा लगाने वाले ठेकेदार की लापरवाही है. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि वो कैमरा लगाने वाले ठेकेदार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करें. अगर वो सभी कैमरों को ठीक रखता तो आरोपी कार चालक का पता चल गया होता. या शायद ये दुर्घटना नहीं होती और बच्ची जिंदा होती.
बापू नगर की वार्ड पार्षद सरिता देवी भी थाना घेराव में पहुंची. उन्होंने कहा कि आरोपी कार चालक अब तक फरार है. पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही है. उनकी यही मांग है कि कार चालक को पकड़े और उससे पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलवाएं.
इस हादसे के बाद से बच्ची की मां बेसुध हालत में है. वो ना कुछ बोल रही है और ना कुछ खा पी रही है. थाने लाने के दौरान भी वो अचेत अवस्था दिखी. 2-3 महिलाएं उसे किसी थाने थाना परिसर में लाए. लेकिन वो पूरे समय बेसुध बैठी रही.
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