कुत्ते ने ग्रामीणों पर किया हमला, हमले से दो ग्रामीण घायल, हालत नाजुक, गरियाबंद जिला अस्पताल रेफर, गांव में अफरा-तफरी का माहौल
A dog attacked villagers, leaving two injured; their condition is critical, and they have been referred to Gariaband District Hospital, causing panic in the village.
गरियाबंद/अमलीपदर : गरियाबंद जिले के अमलीपदर क्षेत्र के भेजीपदर गांव में सुबह करीब 7 बजे कुत्ते के हमले से दो ग्रामीण घायल हो गए. अचानक हुए हमले से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
इस हमले में खीरसिंदूर नागेश उम्र 40 साल और सुशीला बाई उम्र 35 साल घायल हुए. परिजनों एवं ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को प्राइवेट वाहन के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमलीपदर लाया गया.
अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया. घायलों की हालत ज्यादा नाजुक होने की वजह से उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर कर दिया गया. जहां दोनों का इलाज जारी है.
घायलों को अस्पताल पहुंचाने और इलाज के दौरान ईएमटी मनीष साहू और पायलट पुरुषोत्तम साहू की भूमिका रही. घटना के बाद ग्रामीणों में कुत्ते के हमले को लेकर चिंता का माहौल है. ग्रामीणों ने क्षेत्र में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है.
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शाम ढलते ही फिर कुत्तों का आतंक, 10 वर्षीय बच्ची अस्मिता सोरी और 60 वर्षीय चक्रधर पाण्डे पर हमला
सुबह से शुरू हुआ कुत्तों के हमले का सिलसिला शाम ढलने के बाद एक बार फिर देखने को मिला. शाम करीब 7 बजे कुत्तों ने एक बार फिर हमला कर दिया. इस बार 10 वर्षीय उस्मिता सोरी, पिता कुमर सोरी, निवासी सोरीपारा वार्ड नंबर 6 और 60 वर्षीय चक्रधर पाण्डे, निवासी वार्ड नंबर 1 को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया. इनको अभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग लाया गया है ओर प्राथमिक उपचार किया जा रहा है. शाम के समय हुई इस घटना के बाद गांव में एक बार फिर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ग्रामीणों में अब यह डर बना हुआ है कि अंधेरा होने के बाद कुत्तों का आतंक और बढ़ सकता है.
विभाग की लापरवाही पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद आवारा और आक्रामक कुत्तों से ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने के लिए जिम्मेदार स्थानीय निकाय और पशु चिकित्सा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है.
खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि गांव में घूम रहे आक्रामक कुत्तों को लेकर तत्काल कार्रवाई की जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
सुबह से शुरू हुआ कुत्तों के हमले का सिलसिला शाम तक नहीं थमा। सुबह चार लोग घायल हुए, दो को जिला अस्पताल रेफर किया गया और दो को प्राथमिक उपचार के बाद भेजा गया। वहीं शाम 7 बजे फिर 10 वर्षीय बच्ची और 60 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला होने के बाद अब ग्रामीणों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ गया है.
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