आंगनबाड़ी में ढाई वर्षीय बच्ची की करंट लगने से मौत, पोस्टमार्टम के लिए शव लेकर रात भर बैठे रहे परिजन, पर्यवेक्षक सस्पेंड
A two and a half year old girl died due to electric shock in Anganwadi, family members sat with the body all night for post mortem, supervisor suspended
कोंडागांव : कोंडागांव जिले के नवागांव ग्राम पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र पेदली में करंट लगने से एक ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई. घटना के बाद से ही लोगों में नाराजगी है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के ऊपर भी लापरवाही का आरोप लग रहा है. वहीं बच्ची की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव को वापस लेने के लिए परिजनों को सारी रात अस्पताल परिसर में इंतजार करना पड़ा.
मिली जानकारी के मुताबिक कोंडागांव जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय सेक्टर-3 के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नवागांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची बच्ची को कुमारी महेश्वरी यादव की करंट लगने से मौत हो गई. बच्ची सुबह आंगनबाड़ी गई थी, वहां जैसे ही उसने लोहे के चैनल गेट को हाथ लगाया. वह करंट की चपेट में आ गई. झटका लगने के कारण बच्ची जमीन पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई.
इस हादसे के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में और भी छोटे-छोटे बच्चे मौजूद थे. लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौके पर मौजूद नहीं थी. ऐसे में बच्ची की मौत के बाद आंगनबाडियों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहा है.
मृतक बच्ची के पिता अंतू राम ने बताया कि रोज की तरह उनकी बेटी आंगनबाड़ी गई थी. उसी दौरान आंगनबाड़ी में पहुंच चैनल गेट को जैसे ही पकड़ी करंट का झटका लगा. जिससे बच्ची की मौत हुई. कुछ देर बाद बेटे ने आकर बहन को करंट लगने की जानकारी दी. हम मौके पर पहुंचे तो देखा की बच्ची जमीन पर पड़ी हुई है.
घटना की खबर मिलने पर पुलिस और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मर्दापाल भेजा. लेकिन गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया. जिस कारण बच्ची के परिजनों को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सारी रात इंतजार करना पड़ा.
मृतका के परिजनों का आरोप है कि वे लोग दोपहर 3 बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे. लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. जिस कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया. ऐसे में परिजन और रिश्तेदार शव के साथ सारी रात अस्पताल के फर्श पर बैठे रहे.
इस मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को हटाने का और पर्यवेक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया है. पर्यवेक्षक द्वारा पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही तथा स्वेच्छाचारी आचरण पाये जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत संबंधित मनीषा कतलाम, पर्यवेक्षक, सेक्टर मर्दापाल-02 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि में मनीषा कतलाम, पर्यवेक्षक का मुख्यालय कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मबावि जिला-कोण्डागांव में निर्धारित किया गया है. निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. प्रशासन की ओर सहायता के रुप में 20 हजार रुपए की रकम दी गई.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



