शादी के 6 साल बाद पत्नी और दो बच्चों से कहा धर्म बदलो, घर से फेंक दी भगवान की मूर्तियां, लगा दी ईसा मसीह की तस्वीरें, महिला टीचर की बेल्ट से पिटाई
After 6 years of marriage, he asked his wife and two children to change their religion, threw away the idols of God from the house, put up pictures of Jesus Christ, beat up a female teacher with a belt
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में धर्म-परिवर्तन नहीं करने पर पत्नी को पति दुर्गेश ने बेल्ट से पीटा. शादी के छह साल बाद महिला बोली पति उसे और 2 बच्चों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डाल रहा है. ऐसा नहीं करने पर पति मारपीट करता है. घर से भगवान की मूर्तियों को निकालकर फेंक दिया और उसकी जगह यीशु मसीह की फोटो लगा दिया है. मूर्ति पूजा को वह शैतान पूजा बताता है.
शुरुआत में वो बोला कि तुम अपने धर्म को मानो और मैं ईसाई धर्म को मानूंगा. मुझे कुछ समझ नहीं आया. लेकिन शादी के बाद मैं क्या करती.. सब कुछ ऐसे ही चलता रहा. इस दौरान हमारे दो बच्चे हो गए. जिसके बाद पति का व्यवहार बदल गया. वो मुझे धर्म बदलने के लिए दबाव डालने लगा. मैं चर्च जाने लगी. प्रार्थना भी करती रही. लेकिन मेरा मन धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार नहीं हुआ.
जिसके बाद पति मेरे साथ बुरा बर्ताव करने लगा. धर्म बदलने के लिए वो बेल्ट से बुरी तरह से मारपीट करने लगा. मैंने अपने ससुराल वालों को इसकी जानकारी दी. लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. आखिरकार मैं पति की हरकतों से तंग आ गई और मायके में आकर रहने लगी.
इसके बाद भी पति की हरकतों में सुधार नहीं आया. वह मेरे दोनों बच्चों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डाल रहा है. जिससे मैं परेशान हो गई हूं. ईसाई धर्म के चक्कर में हमारा परिवार तबाह हो गया है. कोई मेरी मदद नहीं कर रहा है. तंग आकर अब पुलिस के पास शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
पुलिस ने पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है.
बता दें कि सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाली महिला ने सरकारी स्कूल में टीचर हैं. 2016 में उसकी शादी कवर्धा में रहने वाले दुर्गेश लांझी से हुई थी. महिला के आरोप के मुताबिक शादी के बाद महिला को पता चला कि उसका पति का ईसाई धर्म में झुकाव है. वह हर रविवार को प्रार्थना सभा में शामिल होता है. शुरु में वह अपनी पत्नी को कुछ नहीं कहता था. इससे महिला को कोई परेशानी नहीं थी. बाद में धीरे-धीरे पत्नी से ईसाई धर्म के बारे में बात करने लगा। बाद में उसने ईसाई धर्म अपनाने की बात कहने लगा. उसका कहना है कि हिंदू धर्म में भगवान की पूजा करना यानी शैतान की पूजा करना है.
सोमवार को भी आरोपी दुर्गेश बिलासपुर आया था. पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI



