कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय की शिकायत के बाद आखिरकार कबाड़ में सरकारी स्कूली किताबों के मामले के लिए पांच सदस्यीय जांच दल का हुआ गठन
After the complaint of Congress leader Vikas Upadhyay a five-member investigation team was finally formed into the matter of government school books being found in junk
रायपुर : सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल के गोदाम में रविवार शाम को भारी तादाद में सरकारी स्कूली किताबों का जखीरा बरामद हुआ था. जिन्हें छात्रों को बांटने की बजाए रद्दी में बेच दिया गया था. इस मामले में बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताए जाने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार को छग पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक आईएएस राजेंद्र कटारा की अगुवाई में पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है.
कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय की शिकायत के बादआखिरकार स्कूल शिक्षा विभाग हरकत में आया. विभाग के अपर सचिव आरपी वर्मा में इस पूरे मामले की जांच करने आईएएस राजेंद्र कटारा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति की खास बात ये कि कलेक्टर रायपुर को अपनी तरफ से एक सदस्य नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है. कलेक्टर जिस किसी प्रशासनिक अफसर को अपनी तरफ से नामित करेंगे. जांच दल का हिस्सा बनकर पड़ताल करेंगे.
जांच दल आज मंगलवार से अपना काम शुरु कर देगा. जांच दल की रिपोर्ट और अनुशंसा के बाद स्कूल शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई करेगा. बहरहाल जांच दल की ओर नजरें टिकी हुई है. जांच में कौन-कौन जिम्मेदारों का नाम सामने आता है. रद्दी के भाव किताबों को बेचने के लिए पाठ्य पुस्तक निगम के गोदामों से किताब कबाड़ी के पास कैसे पहुंची. इसमें कौन-कौन सहभागी हैं. जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच दल का फोकस रहेगा.
जांच दल में राजेन्द्र कटारा (आईएएस), प्रबंध संचालक, छग पाठ्य पुस्तक निगम, डॉ योगेश शिवहरे, अतिरिक्त संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, राकेश पाण्डेय, संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग, प्रेम प्रकाश शर्मा, महाप्रबंधक, छग पाठ्य पुस्तक निगम और कलेक्टर रायपुर द्वारा नामांकित जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल रहेंगे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



