दोगुना बिल से मचे बवाल के बीच बिजली बिल में उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 11 पैसे की मिलेगी राहत, पहले बढ़ाया दर, फिर हाफ योजना भी घटाया
Amid the uproar over double bills, consumers will receive a relief of 11 paise per unit in their electricity bills. The rates were first increased and then the half-yearly plan was also reduced.
रायपुर : हाफ बिजली बिल योजना का दायरा सीमित करने के बाद उपभोक्ताओं में बढ़े बिजली बिल की नाराजगी को देखते हुए प्रदेश सरकार बैकफुट पर है. सरकार आम लोगों को नाराजगी को देखते हुए करीब 11 पैसे प्रति यूनिट बिजली दरें कम करने का फैसला लिया है.
अक्टूबर माह में आने वाले बिल में लोगों को बिजली दरें कम होने का फायदा दिखेगा. इस बात की पुष्टि छत्तीसगढ़ के ऊर्जा सचिव व पावर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने की है.
उपभोक्ताओं को छूट खत्म होने से भारी बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है. अब 100 यूनिट पर ही मिलेगी छूट, 100 यूनिट से ज्यादा खपत होने पर पूरी खपत के बिल का भुगतान करना पड़ रहा है. इससे कारण सितंबर आम उपभोक्ताओं को सीधे दोगुना बिजली बिल भरना पड़ा. यह बोझ 22 सितंबर से जीएसटी टैक्स कम करने के कारण खाने, पीने और अन्य वस्तुओं में मिलने वाले छूट से भी ज्यादा है.
राज्य की पिछली भूपेश बघेल सरकार बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए बिजली बिल हाफ योजना शुरु की थी. जिसके तहत राज्य में 400 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल का आधा किया कर दिया था. लेकिन विष्णुदेव साय सरकार में इस योजना में पिछले महीने बदलाव कर पिछले छह सालों से 400 यूनिट तक बिजली बिल पर मिल रही 50% की सब्सिडी को सितंबर महीने से खत्म कर दिया था.
इससे पहले घरेलू और गैर घरेलू बिजली की दरों में 20 से 25 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी भी बिजली नियामक आयोग के प्रस्ताव पर बिजली कंपनी ने की थी. इस फैसले का पूरे प्रदेश में विरोध हो रहा है. विपक्ष भी लगातार अपनी आवाज उठा रही है.
जीएसटी रिफॉर्म में किए गए युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत केन्द्र ने कोयले पर लगने वाले कंपनसेशन सेस 400 रुपए प्रति टन को खत्म कर दिया है. कोयले पर जीएसटी 5त्न से बढाकर 18 प्रतिशत किया गया है. इस संयुक्त प्रभाव से बिजली कंपनी को अनुमानित 152.36 रुपए प्रति टन कम लागत पर कोयला मिलेगा. जिससे उत्पादन लागत में औसतन 11.54 पैसे प्रति यूनिट कमी संभावित है.
अब घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ये दरें
यूनिट वर्तमान टैरिफ दरें कम होने के बाद दरें
0-100 4.10 रुपए प्रति यूनिट 3.99 रुपए प्रति यूनिट
101-200 4.20 रुपए प्रति यूनिट 4.09 रुपए प्रति यूनिट
201-400 5.60 रुपए प्रति यूनिट 5.49 रुपए प्रति यूनिट
401-600 6.50 रुपए प्रति यूनिट 6.39 रुपए प्रति यूनिट
601 से ज्यादा 8.30 रुपए प्रति यूनिट 8.19 रुपए प्रति यूनिट
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कांग्रेस बिजली बिल के खिलाफ चलाएगी चरणबद्ध आंदोलन- दीपक बैज
रायपुर : कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सरकार को बिजली बिल हाफ योजना फिर से शुरु करना ही पड़ेगा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बढ़े हुये बिजली बिल के कारण प्रदेश का आम आदमी परेशान है. भाजपा सरकार ने पिछले पौने दो सालों में तीन बार बिजली का दाम बढ़ाया है और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया. जिसके कारण प्रदेश का गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ गया. बढ़े बिजली के बिल के कारण सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना फिर से शुरु नहीं किया और बिजली के दाम नहीं घटाये तो भाजपा के नेताओं का जनता के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस माह बढ़े हुए आए बिजली बिल के कारण जनता परेशान हो गई. औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल दुगुना आया है. बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है :- पहला सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया. दूसरा बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई. तीसरा स्मार्ट मीटर लगाए गए जो अनाप शनाप खपत से ज्यादा रीडिंग बता रहा है. जिससे बिल ज्यादा आ रहा है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के ऐसे अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध करती है. कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है. सरकार के इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ कांग्रेस पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलायेगी. अलग-अलग जिलों में आंदोलन की रुपरेखा बनायी जा रही है. जनजागरण, विरोध प्रदर्शन, और बिजली दफ्तरों का घेराव कर कांग्रेस पार्टी सरकार को सस्ती बिजली देने को मजबूर करेगी.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 5 साल तक विपरीत परिस्थितियों में भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हॉफ योजना शुरु किया था. जिसका फायदा प्रदेश के 54 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था जिसे 5 साल में तकरीबन सभी उपभोक्ता का 40 से 50 हजार रुपए. तक की बचत हुई. कांग्रेस सरकार द्वारा शुरु किए गए 400 यूनिट बिजली बिल हॉफ के दायरे में प्रदेश का तकरीबन हर उपभोक्ता आता था.
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गुजरात भेजे जा रहे थे 6 करोड़ 60 लाख, छत्तीसगढ़ को गुजरात का एटीएम बना दिया गया -दीपक बैज
रायपुर : राजधानी रायपुर से लगे हुए क्षेत्र कुम्हारी में पिछले दिनों दो स्कॉर्पियो में पकड़े गए 6 करोड़ रुपए के मामले में PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार से सवाल किया है. उन्होंने पूछा है कि आखिर यह पैसा किसका था और कहां भेजा जा रहा था? फिर उन्होंने खुद यह आरोप लगाया कि ये पैसा छत्तीसगढ़ से गुजरात भेजा जा रहा था.
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार से पूछा कि इस मामले की जाँच कहां तक पहुंची है? ये पैसा किसका है? और कहां भेज रहा था? दीपक बैज ने कहा कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ को गुजरात का एटीएम बना दिया गया है. ये मामला तो सामने आ गया, इससे पहले ना जाने कितने बार छत्तीसगढ़ से पैसे भेजे गए होंगे. दीपक बैज ने सरकार और पुलिस प्रशासन से इस मामले की पूरी गंभीरता के साथ जांच करने की मांग की है. साथ ही सरकार पर इस मामले को दबाने का भी आरोप लगाया है.
कुम्हारी टोल प्लाजा के पास दुर्ग पुलिस ने बीते शनिवार को महाराष्ट्र में रजिस्टर्ड दो स्कॉर्पियो गाड़ियों से 6 करोड़ 60 लाख रुपये नकद बरामद किया. दरअसल पुलिस को रात 2-3 बजे खबर मिली थी कि बड़ी तादाद में नकदी का हेरफेर होने वाला है. इस खबर के आधार पर पुलिस ने कुम्हारी टोल प्लाजा पर घेराबंदी की और सभी वाहनों की तलाशी शुरु की.
सुबह करीब 7:30-8 बजे रायपुर की तरफ से आ रही एक महाराष्ट्र पंजीकृत स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका गया. इसके बाद तलाशी के दौरान पुलिस को दोनों गाड़ियों की सीटों के नीचे से भारी मात्रा में नकदी मिली. पहली गाड़ी से 3 करोड़ 60 लाख रुपये और दूसरी गाड़ी से 3 करोड़ रुपये बरामद किए गए. दोनों गाड़ियां टॉप मॉडल स्कॉर्पियो थीं और जीपीएस से लैस थीं। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है. और उनसे पूछताछ की जा रही है.
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