मामूली विवाद में टंगिया से हमला, तीन मजदूरों ने ईंट भट्टा मुंशी को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने नाबालिग समेत तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
Attack with tangia in a minor dispute, three labourers killed the brick kiln clerk, police arrested three accused including a minor
दुर्ग : दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने खूनी रुप ले लिया. जहां एक ईंट भट्ठे के मुंशी की उसी के मजदूरों ने टंगिया से मारकर निर्मम हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने हत्या को एक हादसा दिखाने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिस की सघन पूछताछ में पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया.
इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि चंगोरी स्थित शिवलाल ईंट भट्ठे के मुंशी किशन लाल साहू की हत्या की गई है. शुरुआत में इस घटना को सिर में चोट लगने से हुई मौत बताकर दर्ज किया गया था. लेकिन मर्ग जांच के दौरान हत्या का शक हुआ.
पुलिस जांच के मुताबिक 24 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे भट्ठे में काम करने वाले मजदूर काशीराम चौहान, धनसाय साहू और एक नाबालिग लेबर क्वार्टर के बाहर बैठकर शराब पी रहे थे. इसी दौरान भट्ठे का मुंशी किशन लाल साहू वहां पहुंचा और उनके रोज-रोज शराब पीने को लेकर पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज करने लगा. विवाद इतना बढ़ा कि तीनों मजदूरों ने मुंशी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया.
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि झगड़े के दौरान धनसाय और नाबालिग ने मुंशी को पकड़ लिया. जबकि काशीराम चौहान ने पास में रखी टंगिया उठाकर उसके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया. हमले में किशन लाल साहू गंभीर रुप से घायल होकर खून से लथपथ जमीन पर गिर गया.
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी घबरा गए और हत्या को हादसा दिखाने की योजना बनाई. उन्होंने भट्ठे के मालिक सुभाष चक्रधारी को किशन लाल के ही फोन से कॉल किया और झूठी कहानी सुनाई. उन्होंने बताया कि वे सब शराब पीकर हंसी-मजाक कर रहे थे और दौड़ते समय किशन लाल गलती से कमरे के गेट पर रखी टंगिया पर गिर गया. जिससे उसे चोट लग गई. मालिक ने किशन लाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. जहाँ 25 अगस्त की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस ने जब घटना के समय मौजूद तीनों मजदूरों से कड़ाई से पूछताछ की. तो वे टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई टंगिया, शराब की बोतल और खून से सने कपड़े (टी-शर्ट, हाफ पैंट और अंडरवियर) बरामद कर लिया है.
हत्या के आरोप में काशीराम चौहान, धनसाय साहू और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूरी घटना को हादसा बताकर जांच को गुमराह करने की कोशिश की थी. लेकिन टीम की सतर्कता और बारीकी से की गई पूछताछ ने सच्चाई सामने ला दी. इस कार्यवाही में अंजोरा चौकी पुलिस और एसीसीयू की टीम की अहम भूमिका रही. यह हत्या साबित करती है कि शराबखोरी और आपसी झगड़े कभी-कभी कितने खतरनाक रुप ले सकते हैं.
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