राज्योत्सव में मचा बवाल, सांसद के सामने कलेक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी, दुर्व्यवहार का आरोप, कार्यक्रम छोड़ चले गए विधायक
Chaos erupts at the state festival, with loud slogans raised against the collector in front of the MP, allegations of misbehavior, and the MLA walks out of the event.
बेमेतरा : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती पर बेमेतरा के बेसिक स्कूल खेल मैदान में तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम शुरु हुआ. लेकिन रजत जयंती उत्सव कार्यक्रम पहले ही दिन विवादों की भेंट चढ़ गया. इस कार्यक्रम में बैठक व्यवस्था को लेकर कलेक्टर रणबीर शर्मा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं में कहा- सुनी हो गई. मामला इतना बढ़ गया कि भाजपाइयों ने दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद और राज्योत्सव के मुख्य अतिथि विजय बघेल के सामने कलेक्टर रणबीर शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरु कर दी. विधायक दीपेश साहू सहित अन्य भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम स्थल से बहिर्गमन कर दिया.
पार्षद लक्की साहू मीडिया से बातचीत करते हुए बताया “राज्योत्सव के कार्यक्रम में सभी लोग बैठे हुए थे. वही सामने लाइन में कलेक्टर रणबीर शर्मा बैठे थे. उनके पीछे वाली लाइन में भाजपा कार्यकता और पार्षद बैठे थे. इसी दौरान कलेक्टर रणबीर ने वेटर को बुलाया और उन्हें डांटने लगे. कहा- चलो यहां से भागो. उसके कुछ ही सेकंड बाद उन्होंने ऊंची आवाज में भाजपा कार्यकताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कहा-चलो आप लोग भी यहां से पीछे बैठो.
भाजपा कार्यकताओं ने पूरी बात विधायक दीपेश साहू को बताई. जिसके बाद कार्यकताओं के साथ विधायक दीपेश साहू भी कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए. पार्षद आकिब मलकानी ने बताया “कलेक्टर की कही बात हमें अच्छी नहीं लगी. हम जनप्रतिनिधि हैं. हमारे साथ अन्य पार्षद भी थे. कलेक्टर का यह व्यवहार हमें बिल्कुल ठीक नहीं लगा और हम रेस्ट हाउस आ गए.
राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रणबीर शर्मा के व्यवहार से आहत पार्षद और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और कलेक्टर रणबीर शर्मा के खिलाफ जमकर नारे बाजी भी की. सांसद विजय बघेल ने कहा यह कृत्य लोकतांत्रिक पदों का अपमान है.
बेमेतरा राज्योत्सव को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर विरोध देखने को मिल रहा है. भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्योत्सव में भाजपा जनप्रतिनिधियों के प्रति प्रशासन के व्यवहार की निंदा की और जिला प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया. वे माननीय विधायक की बातों को नजर अंदाज करने और छत्तीसगढ़ महतारी के पोस्टर-बैनर न लगाने को अपमानजनक बता रहे हैं. इन मुद्दों को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है.
महोत्सव में जहां एक ओर जनहित से जुड़ी योजनाओं पर लापरवाही के आरोप हैं. वहीं दूसरी तरफ पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है. प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ सपने पर उद्यानिकी विभाग की लापरवाही से सवाल उठे हैं. जबकि बेमेतरा में हाल ही हुए हिट एंड रन केस के बाद जनता के आक्रोश और पुलिस की कार्यप्रणाली ने कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया. थाना परिसर में चोरी के आरोप, चार घंटे की बहस और विभागों में वर्षों से जमे अधिकारियों पर जनता का असंतोष इस बात का संकेत है कि अफसरशाही-नौकरशाही आज भी आम जनता की समस्याओं के समाधान में बड़ी बाधा बनी हुई है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



