हॉस्टल में 11वीं की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, नवजात की हालत नाजुक, जिला मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज, मचा हडकंप, वार्डन सस्पेंड

Class 11 student gave birth to a child in the hostel, the condition of the newborn is critical, treatment is going on in the district medical college, commotion ensued, warden suspended

हॉस्टल में 11वीं की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, नवजात की हालत नाजुक, जिला मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज, मचा हडकंप, वार्डन सस्पेंड

कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ब्लाक पोड़ी उपरोड़ा स्थित पोड़ी उपरोड़ा गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां 11वीं की छात्रा ने बीती रात हॉस्टल में लड़की को जन्म दिया है. इसकी जानकारी हाॅस्टल अधीक्षिका जय कुमारी ने उच्च अधिकारियों को दी. जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. वहीं छात्रा उसे अपना बच्चा होने से इंकार कर रही है. नवजात की हालत नाजुक है. डॉक्टरों की निगरानी में जिला मेडिकल कॉलेज में बच्चे का इलाज जारी है. पूरा मामला कस्तूरबा बालिका हॉस्टल का है.
कोरबा कलेक्टर ने विभागीय मांग पर पोड़ी उपरोड़ा छात्रावास अधीक्षिका जय कुमारी रात्रे अधीक्षिका को सस्पेंड कर दिया है. जय कुमारी रात्रे का मूल पद प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला साटापानी, संकुल बेतलो के पद पर है. जिला प्रशासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम ( 3 ) का उल्लंघन करने और छत्तीसगढ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 और नियम 10 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. अधीक्षिका को मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कटघोरा में संलग्न किया है.
छात्रावास की अधीक्षिका जयकुमारी ने बताया कि बच्चों की रोने की आवाज आने पर उसने जाकर देखा तो छात्रावास में नवजात पड़ी हुई थी. जांच के दौरान बात सामने आया कि एक छात्रा ने प्रसव होने के बाद नवजात को बाथरुम की खिड़की से उसे नीचे फेंक दिया था. अधीक्षिका ने बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद उसने छात्रावास में सभी बच्चों से पूछताछ की. जहां एक छात्रा की तबीयत खराब होना बताया. उसे जब पौड़ी उपरोड़ा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. तब जांच के दौरान सामने आया कि प्रसव हुआ है.
हॉस्टल अधीक्षिका ने छात्रा के कमरे में जाकर पूछताछ की. इस बारे में छात्रा ने अपनी संतान होने से इंकार कर दिया. हॉस्टल की तरफ से पौड़ी उपरोड़ा से करीब 40 किलोमीटर दूर निवासरत छात्रा के माता-पिता को बुलाकर उनसे पूछताछ की गई. छात्रा की मां ने बताया कि उसे भी उनकी बेटी ने गर्भवती होने की खबर कभी नहीं दी. इस मामले की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हॉस्टल पहुंचकर मामले की जानकारी ले रहे हैं.
नवजात बच्चे को जिला मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि बच्चे की हालत अभी ठीक नहीं है. चोट के निशान पाए गए हैं. समय से पहले बच्चे को जन्म दिया गया है. फिलहाल नवजात बच्चे का इलाज जारी है. घटना की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
स्टाफ से मिली एक अन्य जानकारी के मुताबिक छात्रावास अधीक्षिका को 11वीं की छात्रा की गर्भवती होने की जानकारी थी. छात्रावास अधीक्षिका ने सारे मामले को दबाया है. यहां तक की छात्रावास में बाहरी लड़कों और पुरुषों का भी आना-जाना होता रहा है. छात्रा के माता पिता को भी जानकारी नहीं है. निश्चित रुप से अपराध में छात्रावास अधीक्षिका की भूमिका संदिग्ध है.
इस मामले की जानकारी के बाद छात्रा के परिजन भी छात्रावास के बाद अस्पताल पहुंचे. उन्होने बताया कि बेटी ने जन्म दिया. इसकी जानकारी तो दूर की बात है..उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी बच्ची गर्भवती भी है. माता पिता के बयान के बाद शिक्षा विभाग में जमकर हड़कम्प है. इस मामले में जिला प्रशासन ने जांच का आदेश दिया है.
नवजात का ईलाज कर रहे शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.राकेश शर्मा ने बताया कि बच्चे की हालत ठीक नहीं है. शरीर पर चोट के निशान मिले हैं. चोट लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. बच्चा का जन्म समय से पहले हुआ है. फिलहाल बचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। घटना की जानकारी पुलिस को दी गयी है. जांच पड़ताल के बाद ही वस्तुस्थिति के बारे में कुछ बताया जा सकता है.
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