स्वास्थ्य विभाग ने लिया बड़ा एक्शन, फर्जीवाड़ा कर रहे आयुष्मान योजना से बाहर हुए 15 अस्पताल, कई ससपेंड, चार हॉस्पिटल को नोटिस जारी
Health department took big action, 15 hospitals were out of Ayushman scheme doing fraud, many suspended, notice issued to four hospitals
बिलासपुर : लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी केंद्र सरकार की महती आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है. स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर राज्य स्तरीय टीम ने निजी अस्पतालों में की गई छापेमारी के बाद सामने आई. और गड़बड़ी मिलने पर बिलासपुर के नोबल, महादेव, शिशु भवन और एलाइट हॉस्पिटल को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है.
आयुष्मान योजना में गड़बड़ियां करने वाले अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. हेल्थ सिकरेट्री के निर्देश पर डायरेक्टर हेल्थ डॉ. प्रियंका शुक्ला ने अस्पतालों का औचक निरीक्षण कराने के लिए जांच टीमें बनाई थी. जांच में व्यापक खामियां मिली. कई अस्पताल बिना डॉक्टर के मिले। तो बिलासपुर के मार्क अस्पताल निरीक्षण के समय एमबीबीएस डॉक्टर के बजाए आयुर्वेदिक डॉक्टर मिले.
जिन अस्पतालों में कार्रवाई हुई, उनमें जांच टीम को तीन चीज कॉमन मिली. पहला आयुष्मान योजन के मरीजों से कैश में पैसा लिया जाना. दूसरा, डॉक्टरों की कमी. और तीसरा, सभी अस्पतालों में पैथो की रिपोर्ट स्केन्ड सिग्नेचर वाली पाई गई.
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के इन अस्पतालों की तरफ से मरीज के इलाज के नाम पर करोड़ों रुपए के फर्जी क्लेम किए गए. आयुष्मान योजना के तहत गरीब महिलाओं के प्रसव के दौरान जन्म लेने वाले स्वस्थ बच्चों को कुपोषित दिखाकर सरकार से ज्यादा पैसे लिए गए.
फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग ने 28 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. जिनमें से 15 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से डी- इम्पैनल किया गया है. इसी तरह 8 हॉस्पिटल को 6 और तीन महीने के लिए सस्पेंड किया गया है. जबकि 5 अन्य हास्पिटल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
जांच में गंभीर खुलासा हुआ कि अस्पताल संचालक रजिस्टर में मरीजों की संख्या ज्याद इंट्री किए थे मगर अस्तपाल में उतने मरीज मिले नहीं। याने ज्यादा मरीज दिखाकर आयुष्मान योजना को चूना लगाया गया। स्वास्थ्य संचालक ने गंभीर गड़बड़ियों वाले इन 15 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया है। उन्हें राज्य सरकार की इम्पेनल सूची से बाहर कर दिया है।
जांच में गंभीर खुलासा हुआ कि अस्पताल संचालक रजिस्टर में मरीजों की तादाद ज्याद इंट्री किए थे. मगर अस्तपाल में उतने मरीज मिले नहीं। याने ज्यादा मरीज दिखाकर आयुष्मान योजना को चूना लगाया गया. स्वास्थ्य संचालक ने गंभीर गड़बड़ियों वाले इन 15 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया है. उन्हें राज्य सरकार की इम्पेनल सूची से बाहर कर दिया है.
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इनके नाम इस तरह हैं...
1. श्री मंगला हॉस्पिटल बिलासपुर
2. मोरे हॉस्पिटल रायपुर
3. गुडविल मेडिकल साइंस रायपुर
4. अग्रवाल हॉस्पिटल रायपुर
5. स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल भिलाई
6. मार्क हॉस्पिटल बिलासपुर
7. एसआर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर दुर्ग
8. रामकथा हॉस्पिटल रायपुर
9. श्री कृष्णा हॉस्पिटल बिलासपुर
10. महादेव हॉस्पिटल बिलासपुर
11. एसएमसी हेल्थ इंस्टीट्यूट एंड आईवीएफ़ रिसर्च सेंटर रायपुर
12. कान्हा चिल्ड्रन हॉस्पिटल रायपुर
13. नोबल मेडिकेयर एण्ड रिसर्च सेंटर बिलासपुर
14. हाई टेक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल दुर्ग
15. श्री श्याम हाॅस्पिटल रायपुर
4 अस्पताल 6 माह के लिए सस्पेंड
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर
श्री साईं हॉस्पिटल बिलासपुर
मातृ स्मृति हॉस्पिटल रायपुर
पल्स हॉस्पिटल दुर्ग
4 अस्पताल 3 माह के लिए सस्पेंड
आरोग्य हॉस्पिटल रायपुर
आराध्या हॉस्पिटल यूनिट ऑफ आराध्या हेल्थ केयर बिलासपुर
जुनेजा आई हॉस्पिटल बिलासपुर
शिव शक्ति हॉस्पिटल बिलासपुर
5 अस्पतालों को चेतावनी
अशोक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर
बालको मेडिकल सेंटर, रायपुर
श्री शिशु भवन, बिलासपुर
श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, दुर्ग
यशोदानंदन चिल्ड्रन हॉस्पिटल, दुर्ग
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