ज्यादा होशियारी मत दिखाओ’, जनदर्शन में फरियाद लेकर पहुंचे ग्रामीणों पर भड़के कलेक्टर, अब गांव वालों ने उठाई हटाने की मांग, वीडियो वायरल
"Don't act too smart," the collector lashed out at villagers who approached the public hearing with their grievances. The villagers have now demanded his removal, and the video has gone viral.
गरियाबंद/राजिम : कलेक्टर जनदर्शन के दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके और फरियादियों के बीच तीखी बहस हो गई. कलेक्टर भगवान सिंह उइके का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वे ग्रामीणों को फटकार लगाते नजर आ रहे हैं. कलेक्टर साहब आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने की बजाय कह रहे हैं. ज़्यादा होशियारी मत दिखाओ सबूत लेकर आओ. अब कलेक्टर साहब किस चीज़ का सबूत मांग रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक छुरा ब्लॉक के सरकड़ा गांव के सरपंच, उपसरपंच, पंच समेत बहुत से लोग अपनी पीड़ा लेकर पाण्डुका के ग्राम सरकड़ा के ग्रामीण मंगलवार को जनदर्शन में पहुँचे थे. मगर उन्हें उम्मीदों की जगह झिड़की मिली. यानी फटकार.. कलेक्टर भगवान सिंह उइके ग्रामीणों पर भड़कते नजर आए. वीडियो में वे कहते दिखे होशियारी मत दिखाओ सबूत लेकर आओ. वीडियो वायरल होते ही लोगों में ग़ुस्सा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस तालाब से वर्षों से निस्तारी होती आ रही थी वह 1960 में बना था। उन्हें कभी पता ही नहीं चला कि यह तालाब कब वहां के मालगुज़ार की हो गई और अब उसे कृषि भूमि में तब्दील कर निजी मुनाफ़े के लिए पाट दिया गया है. अब उस ज़मीन पर मछली पालन करने के लिए हेचरी बनाई जा रही है. 70–80 साल पुराने इस तालाब में अब बदबू फैल रही है. जिससे संक्रमण फैलने का खतरा है. गांव के लोगों के पास नहाने, धोने और निस्तारी के लिए कोई विकल्प नहीं बचा है.
सरकड़ा गांव के ग्रामीणों की मांग है कि तालाब को दोबारा निस्तारी योग्य बनाया जाए. लेकिन जनदर्शन में जिस तरह से उन्हें टाल दिया गया. उसने लोगों का भरोसा तोड़ दिया है. वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब जनता की आवाज़ सुनने के लिए जनदर्शन ही एकमात्र रास्ता रह गया है. आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर को हटाने की मांग तक कर डाली है.
इस पूरे घटनाक्रम पर कलेक्टर का कहना है कि उनके बयान को भ्रामक रुप से प्रसारित किया गया है और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं. वहीं, इस मामले में क्षेत्र के विधायक रोहित साहू ने कहा है कि मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें इसकी जानकारी मिली है. वे ग्रामीणों से बात करेंगे और जिले के कलेक्टर से भी चर्चा कर शिकायत पर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे.
वहीं, इस मामले में गुस्साए गांव वालों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. आपको बता दें कि गांव के तालाब के बंद होने से करीब 3000 लोग प्रभावित हुए हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



